बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है कि रूस की सेना में 23 लाख 90 हजार जवान होने चाहिए। इसमें 15 लाख सक्रिय सैनिक होने चाहिए। इस संख्या तक पहुंचने के लिए हम अभियान चलाएंगे। इसका मतलब है कि आने वाले तीन सालों में रूसी सेना में 1 लाख 80 हजार सैनिक और भर्ती किए जाएंगे। नई भर्ती के प्लान पर ऐसे समय बात हो रही है, जब अमेरिका की ओर से यूक्रेन में युद्ध रोकने की कोशिश हो रही है। डोनाल्ड ट्रंप इस मुद्दे पर खुद सक्रियता दिखा रहे हैं। उनकी पुतिन के साथ बातचीत भी हुई है।
युवाओं को भेजे जा रहे हैं नोटिस
रूस में हर साल वसंत और शरद ऋतु में नए सैनिकों की भर्ती होती है। इस बार 1 लाख 60 हजार युवाओं को ज्वाइनिंग के लिए बुलाया गया है, जो 2024 की तुलना में 10,000 ज्यादा है। पिछले साल से सेना में भर्ती होने की उम्र भी 27 से बढ़ाकर 30 कर दी गई है। युवाओं को डाक से नोटिस भेजे जा रहे हैं। ऐसी खबरें हैं कि 1 अप्रैल को ही mos.ru वेबसाइट पर कॉलअप भेजे जा चुके हैंरूस के बहुत से युवा सेना में भर्ती होने से बचने के लिए विकल्प तलाश रहे हैं। मानवाधिकार वकील टिमोफे वास्किन ने रूसी मीडिया को बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से हर नई भर्ती एक लॉटरी की तरह है। अधिकारी सेना में भर्ती करने के नए तरीके खोज रहे हैं। रूस साल में दो बार सैनिकों की भर्ती करता है। इसके अलावा उसने बहुत से लोगों को कॉन्ट्रैक्ट पर सैनिक बनाया है
व्लादिमीर पुतिन ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर हमला करने का आदेश दिया था। उसके बाद से उन्होंने तीन बार सेना का आकार बढ़ाया है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि दिसंबर 2023 में सेना का आकार इसलिए बढ़ाया गया क्योंकि यूक्रेन में युद्ध और NATO के विस्तार से खतरे बढ़ रहे हैं। रूस के यूक्रेन पर हमला करने के बाद फिनलैंड और स्वीडन भी NATO में शामिल हुए हैं। फिनलैंड की रूस के साथ सबसे लंबी सीमा है।











