सीएनएन-न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के इन कर्मचारियों को बहुत तेजी से नौकरी से निकाला गया। इस दौरान अपनाई गई प्रक्रिया काफी हद तक असामान्य थी। इसमें आमतौर पर ऐसे मामलों में अपनाई जाने वाली कॉर्पोरेट प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। इस कार्रवाई पर पाकिस्तान में चिंता देखी गई है और यूएई के कदम की आलोचना की जा रही है।
देश छोड़ने को मिले 48 घंटे
सूत्रों के अनुसार, नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को मानव संसाधन (HR) विभाग के जरिए औपचारिक रूप से सूचित नहीं किया गया। उन्हें कथित तौर पर एक इमिग्रेशन ऑफिस में बुलाया गया और 48 घंटे के भीतर संयुक्त अरब अमीरात छोड़ने का आदेश थमा दिया गया। उनको अपनी बात रखने का भी मौका नहीं दिया गया।यूएई में नौकरी से निकाले गए पाकिस्तानियों में अलग-अलग वर्गों के लोग हैं। इस समूह में एक व्यक्ति ऐसा भी है, जिसने एयरलाइन के लिए करीब दो दशकों तक काम किया था। इन कर्मचारियों को अब अपनी नई यात्रा की व्यवस्था करने या परिवारों को यूएई से दूसरी जगह ले जाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है क्योंकि इनको बहुत कम समय दिया गया है।
एतिहाद की ओर से कोई स्पष्टीकरण नहीं
एतिहाद एयरवेज ने सार्वजनिक रूप से इस फैसले के पीछे के कारणों के बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है। विमानन क्षेत्र में कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जाना कोई असामान्य बात नहीं है। इस मामले में इमिग्रेशन अधिकारियों की संलिप्तता और कर्मचारियों को तुरंत देश छोड़ने के आदेशों से संदेश गया है कि इसके पीछे कोई राजनीति है।संयुक्त अरब अमीरात और पाकिस्तान के बीच संबंधों में बीते कुछ समय में कड़वाहट आई है। इसे दोनों का अलग-अलग गुटों में होना माना जा रहा है। पकिस्तान ने तुर्की और सऊदी अरब से अपने संबंध बेहतर किए हैं जबकि यूएई का झुकाव इजरायल की ओर है। ऐसे में यूएई ने पहले पाकिस्तान से अपना लोन वापस करने को कहा और अब पाकिस्तानी कर्मचारियों पर कार्रवाई कर दी।











