रिपोर्ट में बताया गया है कि अब तक भारतीय वायु सेना पुराने Ilyushin 78 विमानों पर निर्भर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक IAI और HAL की तरफ से बोइंग 767 विमानों को बदलने के विकल्प को दो टैंकरों - Airbus A330 MRTT और Boeing KC 46 की खरीद पर प्राथमिकता दी गई। इसके पीछे की मुख्य वजह ये है कि ये भारत के मेक इन इंडिया के मुताबिक है। जिसमें इजरायली कंपनियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। ईरान युद्ध के दौरान ऐसे एयरक्राफ्ट काफी काम आए हैं जब अमेरिका और इजरायली विमानों ने हवा में ही ईंधन भरकर लगातार अपने मिशन को जारी रखा।
इजरायल भारत के लिए फिर बना संकटमोचक! वायुसेना के लिए बनाएगा 6 'हवाई पेट्रोल पंप'
तेल अवीव/नई दिल्ली: भारत इजरायल के साथ आसमान में ही लड़ाकू विमानों में ईंधन भरने के लिए 6 एयरक्राफ्ट कन्वर्ट करने जा रहा है। डिफेंस न्यूज़ इंडिया की रिपोर्ट में बताया गया है कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL) ने इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज़ (IAI) के साथ छह बोइंग 767 विमानों को टैंकर ट्रांसपोर्ट विमानों में बदलने के लिए एक डील पक्की कर ली है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स और इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने छह बोइंग 767 विमानों को टैंकर ट्रांसपोर्ट विमानों में बदलने के लिए 900 मिलियन डॉलर से 1.1 अरब डॉलर की एक डील पक्की कर ली है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि अब तक भारतीय वायु सेना पुराने Ilyushin 78 विमानों पर निर्भर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक IAI और HAL की तरफ से बोइंग 767 विमानों को बदलने के विकल्प को दो टैंकरों - Airbus A330 MRTT और Boeing KC 46 की खरीद पर प्राथमिकता दी गई। इसके पीछे की मुख्य वजह ये है कि ये भारत के मेक इन इंडिया के मुताबिक है। जिसमें इजरायली कंपनियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। ईरान युद्ध के दौरान ऐसे एयरक्राफ्ट काफी काम आए हैं जब अमेरिका और इजरायली विमानों ने हवा में ही ईंधन भरकर लगातार अपने मिशन को जारी रखा।
रिपोर्ट में बताया गया है कि अब तक भारतीय वायु सेना पुराने Ilyushin 78 विमानों पर निर्भर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक IAI और HAL की तरफ से बोइंग 767 विमानों को बदलने के विकल्प को दो टैंकरों - Airbus A330 MRTT और Boeing KC 46 की खरीद पर प्राथमिकता दी गई। इसके पीछे की मुख्य वजह ये है कि ये भारत के मेक इन इंडिया के मुताबिक है। जिसमें इजरायली कंपनियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। ईरान युद्ध के दौरान ऐसे एयरक्राफ्ट काफी काम आए हैं जब अमेरिका और इजरायली विमानों ने हवा में ही ईंधन भरकर लगातार अपने मिशन को जारी रखा।











