भारतीयों की मेहरबानी, यूरोपीय रेल कंपनियों की तो निकल पड़ी
नई दिल्ली: भारत में जिस हिसाब से नए लखपति बन रहे हैं, उसी हिसाब से विदेश घूमने वालों (Foreign Travellers) की संख्या बढ़ती जा रही है। ये पर्यटक सिर्फ थाईलैंड, मलेशिया और वियतनाम जैसी सस्ती जगह ही घूमने नहीं जा रहे हैं बल्कि यूरोपीय देश और कनाडा-अमेरिका भी घूमने खूब जा रहे हैं। ये भारतीय पर्यटक यूरोपीय रेलवे कंपनियों के लिए आमदनी का बड़ा जरिया बन रहे हैं। जानिए कैसे?
लगातार बढ़ रही है संख्या
विदेश यात्रा करने वाले भारतीयों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह अब यह सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। अब छोटे शहरों और कस्बों के लोग भी विदेश भ्रमण करने निकल रहे हैं। साल 2025 के नए आंकड़ों से पता चलता है कि भारतीय यात्री यूरोप और पूर्वी एशिया में घूमने के तरीके बदल रहे हैं। स्विट्जरलैंड के लिए 'स्विस ट्रैवल पास' Swiss Travel Pass खरीदने वाले देशों में भारत दूसरे नंबर पर है, और 'ईयूरेल' (Eurail) पास खरीदने वालों में चौथे नंबर पर। 'रेल यूरोप' (Rail Europe) से भारत से आने वाली मांग में आधा हिस्सा ईयूरेल पास का है, और बाकी पॉइंट-टू-पॉइंट टिकट का।भारत बड़ा बाजार
हमारे सहयोगी ईटी से बातचीत में ' ईयूरेल' के एक प्रवक्ता ने बताया कि रेल पास के मामले में भारत, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के साथ एक महत्वपूर्ण लंबी दूरी का स्रोत बाजार बन गया है। यह बदलाव इसलिए आ रहा है क्योंकि रुपया कमजोर हो गया है। यूरो 100 रुपये के पार चला गया है और स्विस फ्रैंक 110 रुपये के पार। ऐसे में, यात्रा का खर्च बढ़ने के कारण यात्री ऐसे विकल्प तलाश रहे हैं जहां खर्च का अनुमान पहले से लगाया जा सके। इस मामले में रेल यात्रा सस्ती पड़ती है।
ईयूरेल पास से 30 से ज्यादा देशों में यात्रा
आप जान लें कि ईयूरेल पास से 30 से ज़्यादा यूरोपीय देशों में यात्रा की जा सकती है। यही वजह है कि यूरोप की सैर करने वाले भारतीय इसे खरीदने को प्राथमिकता देते हैं। इस वजह से 'ईयूरेल' के पास की बिक्री साल दर साल बढ़ रही है। पहले भारतीय यात्री यूरोप में अकेले घूमना पसंद करते थे, लेकिन 'ईयूरेल' ने बताया कि 2023 से 2025 के बीच उनके 'चाइल्ड पास' (Child Pass) की बिक्री में 8% की सालाना बढ़ोतरी हुई है। कंपनी का कहना है कि "यह इस बात का संकेत हो सकता है कि छोटे बच्चों वाले ज़्यादा परिवार यूरोप में ट्रेन से यात्रा करने के बारे में सोच रहे हैं।"











