मुकेश, उनादकट या सैनी
भारत के लिए तीसरे तेज गेंदबाज का चयन करना आसान नहीं होगा क्योंकि तीनों तेज गेंदबाज अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। नवदीप सैनी ने अपनी लय हासिल कर ली है तथा वह अपनी गति में कटौती किए बिना लंबे स्पेल कर सकते हैं। धीमी पिच पर ड्यूक गेंद से वह उपयोगी साबित हो सकते हैं। रणजी ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन करने वाले उनादकट ने हाल में बांग्लादेश के खिलाफ 12 साल बाद अपना दूसरा टेस्ट मैच खेला था। उनकी बाएं हाथ की तेज गेंदबाजी दाएं हाथ के बल्लेबाजों को परेशानी में डाल सकती है। बंगाल के 29 वर्षीय तेज गेंदबाज मुकेश का दावा भी कमजोर नहीं है। उन्होंने पिछले तीन सत्रों में अपने खेल में काफी सुधार किया है और वह नई गेंद का अच्छा इस्तेमाल कर सकते हैं।
दो स्पिनर्स का खेलना तय
भारत का दोनों स्पिनरों रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा के साथ उतरना तय है जबकि शार्दुल ठाकुर अपने बल्लेबाजी कौशल और इंग्लैंड में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में शानदार प्रदर्शन के कारण मोहम्मद सिराज के साथ तेज गेंदबाजी विभाग का जिम्मा संभालेंगे। भारत के पास स्पिन विभाग में अक्षर पटेल भी हैं जो जडेजा की तरह ऑलराउंडर हैं। भारत हालांकि तीन तेज गेंदबाजों के साथ उतर सकता है।
ऐसा है ग्राउंड का रिकॉर्ड
आखिरी टेस्ट मैच 2017 में हुआ था, जिसमें पाकिस्तान ने तीन दिन के अंदर 101 रन से जीत दर्ज की थी। वेस्टइंडीज ने यहां केवल एक टेस्ट मैच जीता है और वह भी जिम्बाब्वे की कमजोर टीम के खिलाफ। ऐसे में क्रेग ब्रेथवेट की अगुवाई वाली टीम अतीत के प्रदर्शन से प्रेरणा नहीं ले सकती। इस मैदान पर जो आखिरी टेस्ट मैच खेला गया था उसमें पाकिस्तान के तेज गेंदबाजों मोहम्मद आमिर, हसन अली और मोहम्मद अब्बास ने 11 विकेट लिए थे जबकि लेग स्पिनर यासिर शाह ने दोनों पारियों में मिलाकर आठ विकेट हासिल किए थे।
भारत का दोनों स्पिनरों रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा के साथ उतरना तय है जबकि शार्दुल ठाकुर अपने बल्लेबाजी कौशल और इंग्लैंड में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में शानदार प्रदर्शन के कारण मोहम्मद सिराज के साथ तेज गेंदबाजी विभाग का जिम्मा संभालेंगे। भारत के पास स्पिन विभाग में अक्षर पटेल भी हैं जो जडेजा की तरह ऑलराउंडर हैं। भारत हालांकि तीन तेज गेंदबाजों के साथ उतर सकता है।
ऐसा है ग्राउंड का रिकॉर्ड
आखिरी टेस्ट मैच 2017 में हुआ था, जिसमें पाकिस्तान ने तीन दिन के अंदर 101 रन से जीत दर्ज की थी। वेस्टइंडीज ने यहां केवल एक टेस्ट मैच जीता है और वह भी जिम्बाब्वे की कमजोर टीम के खिलाफ। ऐसे में क्रेग ब्रेथवेट की अगुवाई वाली टीम अतीत के प्रदर्शन से प्रेरणा नहीं ले सकती। इस मैदान पर जो आखिरी टेस्ट मैच खेला गया था उसमें पाकिस्तान के तेज गेंदबाजों मोहम्मद आमिर, हसन अली और मोहम्मद अब्बास ने 11 विकेट लिए थे जबकि लेग स्पिनर यासिर शाह ने दोनों पारियों में मिलाकर आठ विकेट हासिल किए थे।











