इस फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 93 फीसदी की गिरावट के साथ 524.85 करोड़ रुपये रहा था। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को 7,714 करोड़ रुपये का प्रॉफिट हुआ था। कंपनी का कहना है कि वह 2045 तक नेट जीरो के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है और कंपनी चरणबद्ध तरीके से यह काम करने में जुटी है। कंपनी के सीएफओ कौशिक चटर्जी ने कहा कि कैशफ्लो को मैक्जिमाइज करने के लिए कंपनी का फोकस कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशनस, ऑपरेशनल इम्प्रूवमेंट्स और वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट पर है।
प्रॉफिट से घाटे में आ गई टाटा की 'दुधारू गाय', दूसरी तिमाही में 6,511.16 करोड़ का नुकसान
नई दिल्ली: टाटा ग्रुप की दिग्गज कंपनी टाटा स्टील (Tata Steel) ने दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी चालू वित्त ट जुलाई-सितंबर तिमाही में 6,511.16 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। कंपनी ने बुधवार को बाजार बंद होने के बाद यह जानकारी दी। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 1,297.06 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया था। कंपनी की कुल आमदनी भी सितंबर, 2023 तिमाही में घटकर 55,910.16 करोड़ रुपये रह गई जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 60,206.78 करोड़ रुपये रही थी। कंपनी का कुल व्यय समीक्षाधीन तिमाही में 55,853.35 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल सितंबर तिमाही में 57,684.09 करोड़ रुपये रहा था।
टाटा की दुधारू गाय
टाटा स्टील ने फाइनेंशियल ईयर 2022 में टाटा ग्रुप को सबसे ज्यादा मुनाफा कमाकर दिया था। टाटा स्टील ने टीसीएस को पीछे छोड़कर यह तमगा हासिल किया था। वित्त वर्ष 2022 में टाटा स्टील का नेट प्रॉफिट 41,749 करोड़ रुपये रहा था जबकि टीसीएस का नेट प्रॉफिट 38,327 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि 2023 में टीसीएस ने फिर बाजी मार ली। दोनों कंपनियों के मार्केट कैप में जमीन-आसमान का अंतर है। टीसीएस मार्केट कैप के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। बुधवार को टाटा स्टील का शेयर एनएसई पर 2.19 परसेंट की गिरावट के साथ 116.15 रुपये पर बंद हुआ।











