पिछले साल टाटा पावर और महाराष्ट्र सरकार के बीच एक समझौता हुआ था। इसके तहत राज्य में दो बड़े पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट बनाए जाएंगे, जिनकी कुल क्षमता 2800 MW होगी। इनमें से एक प्रोजेक्ट पुणे के शिरवटा में 1800 MW का होगा और दूसरा रायगढ़ के भिवपुरी में 1000 MW का। यह प्रोजेक्ट टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी द्वारा विकसित किया जा रहा है और वर्तमान में उसी के स्वामित्व में है। भिवपुरी प्रोजेक्ट के बारे में टाटा पावर ने बताया कि वे अभी कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों से बात कर रहे हैं। अगले छह महीनों में उन्हें इस प्रोजेक्ट से जोड़ा जाएगा।
टाटा को मिलेगी पावर, कंपनी इस शहर में शुरू करेगी बड़ा प्रोजेक्ट
नई दिल्ली: टाटा पावर कंपनी (TPCL) महाराष्ट्र के पुणे में शिरवटा में एक बड़ा पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट (PSP) लगाने जा रही है। इस प्रोजेक्ट में कंपनी 11,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह जानकारी टाटा पावर के सीईओ और एमडी प्रवीर सिन्हा ने दी। उन्होंने बताया कि शिरवटा प्रोजेक्ट का काम अगले साल जुलाई में शुरू होगा। इसे पूरा होने में पांच साल लगेंगे। उन्होंने कहा, 'हम 11,000 करोड़ रुपये का निवेश करेंगे और इसका फाइनेंसिंग 70:30 के डेट-इक्विटी रेशियो से होगा।'
पिछले साल टाटा पावर और महाराष्ट्र सरकार के बीच एक समझौता हुआ था। इसके तहत राज्य में दो बड़े पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट बनाए जाएंगे, जिनकी कुल क्षमता 2800 MW होगी। इनमें से एक प्रोजेक्ट पुणे के शिरवटा में 1800 MW का होगा और दूसरा रायगढ़ के भिवपुरी में 1000 MW का। यह प्रोजेक्ट टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी द्वारा विकसित किया जा रहा है और वर्तमान में उसी के स्वामित्व में है। भिवपुरी प्रोजेक्ट के बारे में टाटा पावर ने बताया कि वे अभी कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों से बात कर रहे हैं। अगले छह महीनों में उन्हें इस प्रोजेक्ट से जोड़ा जाएगा।
पिछले साल टाटा पावर और महाराष्ट्र सरकार के बीच एक समझौता हुआ था। इसके तहत राज्य में दो बड़े पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट बनाए जाएंगे, जिनकी कुल क्षमता 2800 MW होगी। इनमें से एक प्रोजेक्ट पुणे के शिरवटा में 1800 MW का होगा और दूसरा रायगढ़ के भिवपुरी में 1000 MW का। यह प्रोजेक्ट टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी द्वारा विकसित किया जा रहा है और वर्तमान में उसी के स्वामित्व में है। भिवपुरी प्रोजेक्ट के बारे में टाटा पावर ने बताया कि वे अभी कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों से बात कर रहे हैं। अगले छह महीनों में उन्हें इस प्रोजेक्ट से जोड़ा जाएगा।











