प्रेस विज्ञप्ति
नवीन उप डाकघर खोलने हेतु आवेदन अंग्रेजी भाषा में लेने का कड़ा विरोध
डाक विभाग को दी आंदोलन की चेतावनी
भोपाल। राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में नवीन उप डाकघर खोलने हेतु किराए पर भवन लेने के लिए इच्छुक भवन स्वामियों से आवेदन अंग्रेजी भाषा में लेने का जन संगठन दृष्टि के निदेशक प्रिंस अभिशेख अज्ञानी ने कड़ा विरोध किया है। उन्होंने संभागीय प्रवर अधीक्षक डाकघर सागर नैलेश शाह को विरोध पत्र सौंपकर इसे हिंदी भाषी क्षेत्र के रहवासियों के जनभाषा, उपभोक्ता व मानव अधिकारों का हनन करार दिया है। श्री अज्ञानी ने बताया कि डाकघर, तात्या टोपे नगर, न्यू मार्केट स्थित संभागीय प्रवर अधीक्षक कार्यालय ने गत १९ फरवरी को विज्ञापन/विवरण जारी कर भोपाल के विभिन्न क्षेत्रों में किराए के भवनों में नवीन वितरण उप डाकघर खोलने हेतु भवन स्वामियों से निविदा आमंत्रित की है। इसके लिए ब्यौरा तो राष्ट्रभाषा हिंदी में प्रचारित-प्रसारित किया गया है मगर प्रवर अधीक्षक कार्यालय से निर्धारित दो पृष्ठीय आवेदन पत्र केवल अंग्रेजी भाषा में इच्छुकों को दिया जा रहा है। प्रस्तावक इससे आवेदन अंग्रेजी में भरने में विवश हैं। उक्त परिप्रेक्ष्य में श्री अज्ञानी ने प्रवर अधीक्षक को पत्र में कहा है कि हमारी केंद्र व राज्य सरकारें आंचलिक भाषाओं को बढ़ावा देने प्रयासरत हैं और आप उनका अंग होने पर भी शासन-प्रशासन की भावना एवं कवायद का अनादर कर रहे हैं। यही नहीं हर वर्ष दूरसंचार विभाग सितंबर को हिंदी माह के रूप में मनाने की अपील व गतिविधियां करते हुए लाखों रुपए खर्च करता है और व्यवहार में उलट या दोहरा रवैया अपनाता है। उन्होंने प्रवर अधीक्षक को सलाह दी है कि वे पुन: निविदा आमंत्रित करें, जिसमें निविदा प्रस्तुति की अंतिम तिथि भी साप्ताहिक दिवस शनिवार (दो मार्च) रखे जाने की जगह कामकाजी दिवस में रखें। वहीं निविदा में न्यूनतम राशि की निविदा को मान्य किए जाने की अनिवार्यता ना रखने को मनमाना करार देते हुए निविदा भावना/परंपरा/प्रक्रिया का उल्लंघन निरूपित किया है। उल्लेखनीय है कि नवें दशक में दृष्टि संगठन ने दूरसंचार विभाग के तत्समय भोपाल में मौजूद आठ में से पांच कार्यालयों में अंग्रेजी भाषा में दूरभाष निर्देशिका की प्रकाशन पूर्व तैयार पांडुलिपियों को आग के हवाले कर दिया था। इससे विभाग पहली बार राष्ट्रभाषा में भी दूरसंचार निर्देशिका प्रकाशित करने विवश हो गया था। श्री अज्ञानी ने डाक विभाग को अपना कलुषित इतिहास ना दोहराने हेतु आगाह किया है। उन्होंने आमजन से भी डाक महकमे के विदेशी भाषा प्रेम की मुखालफत करने का आव्हान किया है।











