फरवरी-मार्च में दो अलग-अलग व्हिसल ब्लोअर्स ने टीसीएस में भर्ती में घोटाले का आरोप लगाया था। चक्रवर्ती पर कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स की भर्ती में धांधली का आरोप था। कंपनी ने 18 अप्रैल को उन्हें छुट्टी पर भेज दिया था। टीसीएस ने अब उन्हें बर्खास्त कर दिया है। इसके बाद कंपनी ने 23 जून को एक्सचेंजेज को बताया था कि वह इस मामले की जांच कर रही है। कंपनी ने कहा कि टाटा ग्रुप की कंपनी होने के नाते अनैतिक व्यवहार और मूल्यों के खिलाफ काम को किसी भी तरह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। हम चाहते हैं कि हमारे सभी स्टेकहोल्डर्स और कर्मचारी टाटा ग्रुप के कोड ऑफ कंडक्ट का सख्ती से पालन करें।
TCS की कड़ी कार्रवाई, भर्ती घोटाले में 16 कर्मचारियों की छुट्टी, रिसोर्स मैनेजमेंट ग्रुप के पूर्व प्रमुख भी नपे
नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद देश की दूसरी सबसे वैल्यूएबल कंपनी टीसीएस (TCS) ने भर्ती घोटाले में सख्त कार्रवाई की है। कंपनी ने कई महीनों की जांच के बाद 16 कर्मचारियों को निकाल दिया है। रिसोर्स मैनेजमेंट ग्रुप के पूर्व प्रमुख ई एस चक्रवर्ती को भी बर्खास्त किया गया है। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी ने रविवार रात एक बयान में बताया कि उसने 16 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। साथ ही छह थर्ड पार्टी स्टाफिंग फर्म्स यानी वेंडर्स को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। कंपनी ने बताया कि भर्ती घोटाले की जांच में 19 कर्मचारियों को दोषी पाया गया। इनमें से 16 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है जबकि तीन कर्मचारियों को रिसोर्स मैनेजमेंट यूनिट से हटा दिया गया।
क्या था मामला
व्हिसल ब्लोअर्स ने आरोप लगाया था कि टीसीएस के वेंडर्स कंपनी के कुछ कर्मचारियों के साथ मिलकर भर्ती में धांधली कर रहे हैं। जांच के बाद कंपनी ने कहा कि यह मामला कंपनी के साथ फ्रॉड का नहीं है। इस भर्ती घोटाले से कंपनी के ऊपर कोई वित्तीय देनदारी भी नहीं पड़ी है। कंपनी आने वाले समय में अपने कॉरपोरेट गवर्नेंस को और बेहतर बनाने पर काम करेगी। कंपनी को हायरिंग रिफॉर्म्स के बारे में भी कई सुझाव मिले हैं। इसके लिए रिसोर्स मैनेजमेंट टीम में लोगों को रेगुलर इंटरवर पर ट्रांसफर करना और सप्लायर मैनेजमेंट में एनालिटिक्स को बेहतर बनाना शामिल है।











