'मेरे देश के लोगों की हत्याएं बंद करो', लंदन की सड़कों पर दुबई के शासक को 'दौड़ाया', तीखे सवालों पर बोलती बंद

'मेरे देश के लोगों की हत्याएं बंद करो', लंदन की सड़कों पर दुबई के शासक को 'दौड़ाया', तीखे सवालों पर बोलती बंद
लंदन: सूडान में चल रहे नरसंहार को लेकर दुबई के शासक को लंदन की सड़कों पर घेर लिया गया। मोहम्मद बिन राशिद अल-मकतूम जो दुबई के शासक होने के साथ साथ संयुक्त अरब अमीरात के प्रधानमंत्री भी हैं उनसे तीखे सवाल पूछे गये हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो सामने आया है जिसमें देखा जा रहा है कि कुछ लोग दुबई के शासक के ऊपर चिल्ला रहे हैं। ये घटना उस वक्त घटी जब मोहम्मद बिन राशिद अल-मकतूम लंदन के एक बेहद अमीर इलाके नाइट्सब्रिज से गुजर रहे थे।

वीडियो में दिख रहा है कि चिल्लाने वाला शख्स सड़क के दूसरी तरफ से मोहम्मद बिन राशिद अल-मकतूम और उनके लोगों पर चीख रहा है और कह रहा है 'अमीराती और यूएई सूडानी लोगों को मार रहे हैं। यूएई मेरे देश के लोगों को मार रहा है। मेरे देश के लोगों को मारना बंद करो।' इसके बाद वीडियो में दिख रहा है कि मोहम्मद बिन राशिद अल-मकतूम के साथ नारा लगाने वाले उस कथित सूडानी नागरिक साथ नस्लीय दुर्व्यवहार कर रहा है।

दुबई के शासक को लंदन की सड़क पर घेरा गया

वीडियो में दिख रहा है कि मोहम्मद बिन राशिद अल-मकतूम के साथ चलने वाला एक शख्स उस सूडानी नागरिक के पास आता है और उसे गालियां देने लगता है। लेकिन वो शख्स लगातार कहता दिख रहा है कि 'मेरे देश में मेरे नागरिकों की हत्या करना बंद करो। मेरे लोगों को मारना बंद करो।' अभी तक ये पता नहीं चल पाया है कि दुबई के शासक से सवाल पूछने वाला वो शख्स कौन था और उसकी नागरिकता किस देश की है।

वो आदमी वीडियो में कहता दिख रहा है 'सूडानी लोगों को मारना बंद करो। अमीराती और UAE सूडानी लोगों को मार रहे हैं। वे मेरे देश में लोगों को मार रहे हैं... मोहम्मद बिन जायद, वे मेरे देश में लोगों को मार रहे हैं।' आपको बता दें कि पिछले गुरुवार को अमीराती मीडिया ने बताया कि मोहम्मद बिन ज़ायद (MBZ) ने लंदन के जुमेराह कार्लटन टॉवर होटल में अल-मकतूम से मुलाकात की थी।

सूडान गृहयुद्ध में संयुक्त अरब अमीरात की भूमिका क्या है?

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) लगातार इससे इनकार करता रहा है लेकिन अब इस बात के कई सबूत मौजूद हैं कि UAE सूडान की पैरामिलिट्री फ़ोर्स 'रैपिड सपोर्ट फोर्सेज' (RSF) का समर्थन करता है। UN और US ने RSF पर सूडान युद्ध के दौरान नरसंहार करने का आरोप लगाया है। संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों, मानवाधिकार समूहों का कहना है कि लीबिया, चाड और सोमालीलैंड (जो सोमालिया से अलग हुआ एक इलाका है) में मौजूद नेटवर्क के जरिए RSF को हथियार पहुंचाए गए।
मिडिल ईस्ट आई ने इस साल खुलासा किया था कि सूडान में RSF की मदद के लिए इथियोपियाई सेना के एक बेस का इस्तेमाल किया जा रहा था। यूके समेत पश्चिमी देशों पर आरोप है कि UAE के आर्थिक दबदबे के कारण उन्होंने सूडान युद्ध में यूएई की भागीदारी का खुलकर विरोध नहीं किया। यह युद्ध अप्रैल 2023 में शुरू हुआ था और इसके कारण सूडान में दुनिया का सबसे बड़ा मानवीय संकट पैदा हो गया है। लाखों लोग अभी तक मारे जा चुके हैं।
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