कैटरिंग गाड़ी में छिपकर बदला प्लेन
इस खास ऑपरेशन में ट्रंप ने पहले सबके सामने एयर फोर्स वन में कदम रखा था, लेकिन फिर उन्हें कैटरिंग गाड़ी में छिपाकर एक तीसरे विमान में ले जाया गया, जो अमेरिकी सेना का था। हालांकि, एयर फोर्स वन में यात्रा कर रहे पत्रकारों को यही लगता रहा कि वे राष्ट्रपति के साथ यात्रा कर रहे हैं।ट्रंप जुलाई की शुरुआत में नाटो शिखर सम्मेलन के लिए अंकारा पहुंचे थे। इस यात्रा के लिए उन्होंने कतर से मिले नए और मॉडर्न बोइंग विमान का इस्तेमाल किया था, जो राष्ट्रपति के तौर पर इस प्लेन से पहली अंतरराष्ट्रीय यात्रा थी। तुर्की से ट्रंप को ब्रिटेन जाना था, लेकिन इसी दौरान अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को राष्ट्रपति के विमान पर ईरान से खतरे की सूचना मिली।
पुराने एयर फोर्स वन से जाने का फैसला
इसके बाद राष्ट्रपति को सीक्रेट तरीके से तुर्की से बाहर ले जाने की योजना पर काम शुरू हुआ। इस दौरान राष्ट्रपति का पहले इस्तेमाल किया हुआ एयर फोर्स वन विमान भी मौजूद था। ट्रंप ने घोषणा की कि वे कतर से मिले नए विमान की जगह पुराने एयर फोर्स वन जेट से जाएंगे। इस दौरान कतर से मिला विमान ब्रिटेन में अमेरिकी मिलिट्री बेस भेज दिया गया।एयर फोर्स वन से गए ही नहीं ट्रंप
इसके बाद ट्रंप अंकारा में कैमरों के सामने पुराने एयर फोर्स वन विमान में सवार हुए, लेकिन असल में यह दुनिया और खास तौर पर ईरान को धोखा देने के लिए था। ट्रंप इस विमान से कभी तुर्की से बाहर नहीं निकले। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, ट्रंप को विमान के नीचे खड़ी एक कैटरिंग गाड़ी में ले जाया गया। फिर उन्हें कार से एक तीसरे विमान में ले जाया गया।अमेरिकी अखबार द वॉशिंगटन पोस्ट ने इस तीसरे विमान की पहचान अमेरिकी वायु सेना के C-32A के तौर पर की। यह बोइंग 757 का मिलिट्री संस्करण है। ट्रंप इसी विमान में चुपके से बैठकर ब्रिटेन गए। यह विमान रात 10:20 बजे लैंड हुआ और उसके कुछ मिनट बाद प्रेस के सदस्यों को लेकर आ रहा एयर फोर्स वन उतरा।
