शेयर बाजार को लगी इजरायल-हमास युद्ध की नजर, एक झटके में 4 लाख करोड़ स्वाहा

शेयर बाजार को लगी इजरायल-हमास युद्ध की नजर, एक झटके में 4 लाख करोड़ स्वाहा
मुंबई : मिडिल ईस्ट में जारी हिंसा के चलते पश्चिम एशिया में अचानक तनाव बढ़ा और इसका असर इसका असर भारत समेत दुनियाभर के शेयर बाजारों में देखने को मिलने लगा। सोमवार को इंडेक्स में बिकवाली दबाव दिखा और बाजार लाल निशान पर बंद हुए। सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 483.24 अंक की भारी गिरावट के साथ 65,512.39 अंक पर बंद हुआ। वहीं, Nifty में भी 156.65 अंक की गिरावट के बाद 19,496.85 पर बंद हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने भी 1% से अधिक का गोता लगाया। इस भारी गिरावट के चलते शेयर बाजार में निवेशकों को करीब 4 लाख करोड़ रुपये का घाटा हुआ।

क्रूड ऑयल की कीमतों में इजाफे से ऑइल कंपनियों पर असर दिखा। BPCL के शेयर में 2.35% फिसला। सेंसेक्स की कंपनियों में से महिंद्रा एंड महिंद्रा में सबसे ज्यादा 2.05 प्रतिशत की गिरावट रही। हालांकि IT Ḥसेक्टर की HCL और TCS क्रमशः 1.02% और 0.47% की बढ़त रही। HUL में भी 0.32% की तेजी रही। मार्केट एक्सपर्ट प्रमीत ब्रहृभट्ट ने बताया कि क्रूड की कीमतों में इजाफा और शेयर बाजार में दिखाई दे रही गिरावट एक ट्रिगरिंग इवेंट है। अचानक बने टेंशन से नी-जर्क रिएक्शन आया है। इस वॉर का इफैक्ट कुछ दिनों में समान्य हो जाएगा। ईरान पर पहले ही सेंक्शन लगे हुए हैं और अभी सऊदी का इन्वॉलमेंट नहीं दिख रहा।

'रिटेल निवेशक क्या करें'

IIFL Securities के संजीव भसीन का कहना है कि मार्केट की वॉलेटिलिटी दो दिन में सेटल हो जाएगी, लेकिन निवेशकों को FII आउटफ्लो पर नजर रखनी चाहिए। रिटेल निवेशक अच्छे क्वॉलिटी स्टॉक में बने रहें। निवेशक मेक्रो इकोनॉमिक डेटा जैसे इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन, मैन्यूफैक्चरिंग के आंकड़े और महंगाई के आंकड़ों पर नजर रखें। एलकेपी सिक्योरिटीज में सीनियर एनालिस्ट डे ने कहा कि निफ्टी के 19,700 का स्तर पार करने तक बाजार में 'बढ़त पर बिकवाली' का रुख बना रह सकता है।
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