फाल्गुनी इस कंपनी की एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन, मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ हैं। उन्हें विरासत में मिली किसी कंपनी या माता पिता के पैसों के बलबूते अपना ये मुकाम नहीं बनाया बल्कि उन्होंने अपनी कामयाबी की कहानी खुद लिखी है। यही वजह है कि उन्हें भारतीय स्टार्टअप की क्वीन कहा जाता है। 19 फरवरी, 1963 को मुंबई में जन्मीं फाल्गुनी पेशे से इन्वेस्टमेंट बैंकर हैं। उन्होंने करियर की शुरुआत एएफ फर्ग्यूसन कंपनी के साथ बतौर मैनेजमेंट कंसल्टेंट की थी। साल 1993 में वह कोटक महिंद्रा कैपिटल के साथ जुड़ीं और वहां 20 साल तक काम किया। साल 2005 में वह कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर बनीं और 2012 तक इस पद पर रहीं।
कैसे हुई शुरुआत
जॉब के दौरान ही उन्होंने IIM अहमदाबाद से MBA किया। एमबीए के दौरान ही उन्हें अपना बिजनस करने का ख्याल आया था। 50 की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते फाल्गुनी ने अपनी बेहतरीन नौकरी छोड़कर साल 2012 में ब्यूटी-वेलनेस प्रोडक्ट बेचने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म नायका की शुरुआत की। नायका संस्कृत के शब्द 'नायिका' से प्रेरित है। इसका अर्थ होता है प्रमुख किरदार को निभाने वाली अभिनेत्री। जल्द ही यह फैशन प्रोडक्ट के प्लेटफॉर्म के रूप में पॉपुलर कंपनी बन गई। साल 2014 में सिकोइया कैपिटल इंडिया ने नायका में 1 मिलियन डॉलर का निवेश किया।Nykaa देश की पहली यूनिकॉर्न कंपनी थी जिसे कोई महिला लीड कर रही थी। करीब दो साल पहले FSN E-Commerce Ventures Ltd. का आईपीओ आया और इसकी शेयर मार्केट में जबरदस्त लिस्टिंग हुई। पहले ही दिन कंपनी का मार्केट कैप एक लाख करोड़ रुपये पहुंच गया था। फाल्गुनी ने Nykaa को भारत में ब्यूटी प्रोडक्ट सेगमेंट में लीडर के तौर पर स्थापित किया। नायका की सफलता से प्रेरित कहें या संयोग, लेकिन अब टाटा और रिलायंस ने भी इस सेगमेंट में एंट्री मारी है। नायका ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन बिजनस में भी है। देशभर में उसके 152 स्टोर भी हैं।











