ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों पर दुर्घटनाओं से लगभग नौ हजार लोगों की मौत हुई है। पिछले चार वर्ष से यह संख्या आठ हजार से नौ हजार के बीच है। इसका कारण यह है कि भीड़ नहीं होने के कारण लोग तेज गति से वाहन चलाते हैं। दूसरा यह की सड़कों पर संरक्षा (सेफ्टी) मापदंडों का पालन भी ठीक से नहीं हो पाता।
अंधेरा, अंधा मोड़, संकरी सड़क जैसे ब्लैक स्पाट भी यहां दुर्घटनाओं की वजह बनते हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कुल मौतों में शराब पीकर और मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने के कारण 500 से अधिक लोगों की मौत हुई है। पुलिस मुख्यालय अब इस रिपोर्ट के आधार पर सभी जिलों और संबंधित एजेंसियों को दुर्घटनाएं रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई करने के लिए निर्देशित करने जा रहा है।
ये है दुर्घटनाओं की बड़ी वजह
- मध्य प्रदेश में ट्रैफिक पुलिस का अमला मात्र साढ़े तीन हजार है, जबकि जिस तरह से वाहनों की संख्या बढ़ रही है उससे इसका दोगुना पुलिस बल चाहिए।
- मध्य प्रदेश में ब्लैक स्पाट यानी दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की संख्या घटने की जगह बढ़ रही है। इनकी संख्या 400 से अधिक है। स्थायी तौर पर इस समस्या को हल करने के लिए जिम्मेदार एजेंसिया रुचि नहीं ले रही हैं।











