मिली जानकारी के मुताबिक, बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने राजस्थान की सत्ता में वापसी के लिए खास प्लान तैयार किया है। इसी के तहत राज्य की सभी 200 सीटों पर सर्वे कराया। इसमें मंडल स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं से संपर्क करना, विजेता उम्मीदवारों के बारे में उनके विचार लेना, अगर मौजूदा विधायक है तो उसके बारे में जनता की क्या राय है आदि की जानकारी जुटना था।
कांग्रेस के 'गढ़' के लिए BJP आलाकमान ने भेजी थी अलग से सवालों की लिस्ट
इसके साथ ही बीजेपी आलाकमान ने राजस्थान में भेजे विधायकों को कांग्रेस का 'गढ़' कहे जाने वाली सीटों के लिए सवालों का एक अलग लिस्ट दी थी। दरअसल राजस्थान में कई ऐसी सीटें हैं, जहां कांग्रेस ने पिछले दो से तीन कार्यकालों में लगातार जीत दर्ज की है। कांग्रेस की इस जीत के सिलसिले को तोड़ने के लिए बीजेपी हाई कमान की ओर से खास सवालों की लिस्ट से सर्वे कराया गया।सूत्रों से मिला जानकारीके मुताबिक, प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है कि पार्टी को विधानसभा क्षेत्रो में उन योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है, जो अभी तक सफलतापूर्वक जमीन पर नहीं पहुंच पाई हैं। बीजेपी के इन विधायकों को गहलोत सरकार की सामाजिक कल्याण योजनाओं के प्रभाव की जांच करने का भी काम सौंपा गया था।
रिपोर्ट को लेकर पूछे गए सवाल के नाम न छापने की शर्त पर बीजेपी के नेता ने कहा कि 'रिपोर्ट उम्मीदवार तय करने और सीट के आधार पर मुद्दों की पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। छह दिन के लिए विधायकों ने पार्टी कार्यकर्ताओं, सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारियों, अनुभवी सैन्य कर्मियों, युवाओं, महिलाओं और दलितों के साथ एक बैठकें की और उनसे सरकार के बारे में राय ली।'
रिपोर्ट को लेकर पूछे गए सवाल के नाम न छापने की शर्त पर बीजेपी के नेता ने कहा कि 'रिपोर्ट उम्मीदवार तय करने और सीट के आधार पर मुद्दों की पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। छह दिन के लिए विधायकों ने पार्टी कार्यकर्ताओं, सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारियों, अनुभवी सैन्य कर्मियों, युवाओं, महिलाओं और दलितों के साथ एक बैठकें की और उनसे सरकार के बारे में राय ली।'











