ट्रिब्यूनल ने साथ ही अपने ऑर्डर में यह भी कहा है कि अगर गोयनका के खिलाफ कोई सबूत मिलता है तो सेबी कानूनी कार्रवाई कर सकता है। इसका सोनी और जी के मर्जर पर असर हो सकता है। इसकी वजह यह है कि इस मर्जर की सबसे बड़ी शर्त यह है कि गोयनका मर्जर के बाद बनने वाली कंपनी के एमडी और सीईओ होंगे। सूत्रों के मुताबिक सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के चेयरमैन टोनी विंसीक्वेरा, सोनी पिक्चर्स ग्लोबल टेलीविजन स्टूडिओज एंड कॉरपोरेट डेवलपमेंट के चेयरमैन रवि आहूजा और गोयनका ने इसका हल निकालने के लिए बातचीत की है। लेकिन इस मामले में दोनों पक्षों की बातचीत में कोई प्रगति नहीं हुई है।
खटाई में पड़ सकता है Sony-Zee मर्जर, जानिए किस बात पर अड़े हैं पुनीत गोयनका
मुंबई: सोनी और जी का मर्जर खतरे में पड़ता दिखाई दे रहा है। मर्जर के बाद जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) के चीफ पुनीत गोयनका को एमडी और सीईओ बनाया जाना है। लेकिन अभी वह मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) की जांच के दायरे में हैं। उन पर ZEEL के फंड्स को प्रमोटर कंपनियों में डाइवर्ट करने का आरोप है। सूत्रों ने ईटी को यह जानकारी दी है। सोनी भारत में अपने एक्जीक्यूटिव एनपी सिंह को जी के साथ मर्जर के बाद बनने वाली कंपनी का सीईओ बनाना चाहती है। गोयनका को हाल में सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) ने राहत दी है लेकिन उनके खिलाफ सेबी की जांच अब भी जारी है। SAT ने गोयनका को अंतरिम राहत दी है लेकिन साथ ही कहा है कि उन्हें सेबी के साथ जांच में सहयोग करना होगा।
ट्रिब्यूनल ने साथ ही अपने ऑर्डर में यह भी कहा है कि अगर गोयनका के खिलाफ कोई सबूत मिलता है तो सेबी कानूनी कार्रवाई कर सकता है। इसका सोनी और जी के मर्जर पर असर हो सकता है। इसकी वजह यह है कि इस मर्जर की सबसे बड़ी शर्त यह है कि गोयनका मर्जर के बाद बनने वाली कंपनी के एमडी और सीईओ होंगे। सूत्रों के मुताबिक सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के चेयरमैन टोनी विंसीक्वेरा, सोनी पिक्चर्स ग्लोबल टेलीविजन स्टूडिओज एंड कॉरपोरेट डेवलपमेंट के चेयरमैन रवि आहूजा और गोयनका ने इसका हल निकालने के लिए बातचीत की है। लेकिन इस मामले में दोनों पक्षों की बातचीत में कोई प्रगति नहीं हुई है।
क्यों हुई देरी
सूत्रों के मुताबिक गोयनका ने सोनी के टॉप मैनेजमेंट के सामने साफ कहा है कि वह सोनी-जी के एमडी और सीईओ बनना चाहते हैं। खासकर SAT के ऑर्डर के बाद वह इस पर अड़े हुए हैं। सेबी ने उन पर किसी भी लिस्टेड कंपनी में डायरेक्टर या टॉप मैनेजेरियल पोस्ट होल्ड करने से प्रतिबंधित कर दिया था। लेकिन SAT ने इसे हटा दिया था। जून में सोनी की सहायक कंपनी सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट ने एक बयान जारी किया था। इसमें कहा गया था कि वह ZEEL के प्रमोटर्स के खिलाफ सेबी को ऑर्डर को गंभीरता से लेती है और उसकी नजर बराबर ऐसे घटनाक्रमों पर रहेगी जो इस डील को प्रभावित कर सकते हैं। दोनों पक्षों के बीच दिसंबर, 2021 में यह डील हुई थी और इसे आठ से 10 महीने में कंप्लीट होना था। लेकिन ZEEL में चल रही समस्याओं के कारण यह अब तक पूरी नहीं हो पाई है।
ट्रिब्यूनल ने साथ ही अपने ऑर्डर में यह भी कहा है कि अगर गोयनका के खिलाफ कोई सबूत मिलता है तो सेबी कानूनी कार्रवाई कर सकता है। इसका सोनी और जी के मर्जर पर असर हो सकता है। इसकी वजह यह है कि इस मर्जर की सबसे बड़ी शर्त यह है कि गोयनका मर्जर के बाद बनने वाली कंपनी के एमडी और सीईओ होंगे। सूत्रों के मुताबिक सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के चेयरमैन टोनी विंसीक्वेरा, सोनी पिक्चर्स ग्लोबल टेलीविजन स्टूडिओज एंड कॉरपोरेट डेवलपमेंट के चेयरमैन रवि आहूजा और गोयनका ने इसका हल निकालने के लिए बातचीत की है। लेकिन इस मामले में दोनों पक्षों की बातचीत में कोई प्रगति नहीं हुई है।











