तो क्या कांग्रेस लालू यादव के बहाने नीतीश के साथ 'गेम' कर रही है? ये इशारे बता रहे बहुत कुछ

तो क्या कांग्रेस लालू यादव के बहाने नीतीश के साथ 'गेम' कर रही है? ये इशारे बता रहे बहुत कुछ
पटना: इंडिया महागठबंधन के पहले बड़े बड़े नेताओं के कुछ ऐसे बयान आए हैं जिससे पूरा राजनीतिक जगत संशय में है। ऐसे बयान को मीडिया में परोसने वाले कोई छोटे नेता नहीं बल्कि सभी नामचीन है। इन बयानों के आने के बाद यह बात राजनीतिक गलियारों में फैलने लगी है कि क्या लालू प्रसाद यादव के कंधे पर सवार हो कर पी एम की बैतरणी पार करना चाहती है ? ऐसा इसलिए कि जदयू नेता एक तरफ सी एम नीतीश कुमार को पी एम बनाना चाहते हैं पर राजद का राग कुछ अलग है। बिहार सरकार में मंत्री और जेडीयू नेता श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के लोग चाहते हैं कि नीतीश कुमार इंडिया गठबंधन के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनें। हालांकि, नीतीश कुमार खुद पीएम पद के उम्मीदवार या गठबंधन संयोजक बनने की इच्छा नहीं रखते हैं।

बिहार के मंत्री का बयान क्या इशारा दे रहा?

बिहार के मंत्री का ये बयान मुंबई में होने वाली तीसरी बैठक से कुछ दिन पहले आया। इसके बाद से ही राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट भी शुरू हो गई। यह पूछे जाने पर कि क्या नीतीश कुमार को गठबंधन के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया जाएगा।इस पर श्रवण कुमार ने कहा, 'नीतीश कुमार प्रधान मंत्री पद के लिए योग्य उम्मीदवार हैं। बिहार, उत्तर प्रदेश और देश के विभिन्न राज्यों के लोग मांग कर रहे हैं कि नीतीश कुमार को भारतीय गठबंधन का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जाए।'

यूपी के जदयू अध्यक्ष ने क्या कहा ?

इंडिया गठबंधन की बैठक के पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री का चेहरा और संयोजक बनाए जाने की मांग जनता दल यूनाइटेड ने उठाई। उत्तर प्रदेश के बलिया में यूपी जेडीयू के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अवलेश सिंह ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि बीजेपी का चेहरा जैसे मोदी हैं, उसी तरह इंडिया गठबंधन में नीतीश कुमार का चेहरा प्रधानमंत्री का होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 'नीतीश जी हिंदुस्तान के सबसे बड़े लीडर और अनुभवी नेता हैं। विपक्षी एकता महागठबंधन के सूत्रधार है। जहां तक हम समझते हैं कि नीतीश कुमार को प्रधानमत्री का चेहरा और I.N.D.I.A. का संयोजक बनाया जाना चाहिए, ताकि बीजेपी का सफाया और विदाई की जा सके।'

लालू प्रसाद यादव के बयान के मतलब समझिए

इस दौरान लालू प्रसाद यादव ने भी सधी हुई सियासी कसरत की। पहले तो उन्होंने नीतीश कुमार को पीएम बनाने की बात कह कर विपक्षी एकता की मुहिम की शुरुआत कराई। और जब विपक्षी एकता धरातल पर आ गई तो बड़ी ही चालाकी के तहत संयोजक के नाम पर लालू ने नीतीश कुमार और मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम ले डाला। इनके इस बयान से जदयू के भीतर हताशा फैल गई। दूसरी बात ये कि नीतीश कुमार ने इसे एक टास्क के रूप में लिया था कि इस गठबंधन में दलित नेता मायावती को लाने की भी कोशिश की जाएगी। लेकिन लालू यादव ने यह कह कर नीतीश की कोशिश पर फुलस्टॉप लगा दिया कि 'उनको हमने बुलाया ही नहीं हैं।'

तेजस्वी यादव ने क्या कहा ?

रही सही कसर उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने पूरी कर दी। उन्होंने यह कह कर सभी राजनीतिक दलों को चौंका दिया कि 'पीएम लोकसभा चुनाव 2024 के बाद तय होगा। जनता की मांग पर इंडिया गठबंधन बना है। इस गठबंधन से जो भी सांसद चुने जाएंगे वही पीएम चुनेंगे और इतना तय है कि जो पीएम होगा वह नरेंद्र मोदी से ज्यादा ईमानदार होगा। तेजस्वी ने कहा कि सभी को पता है कि पीएम चुनने की प्रक्रिया क्या होती है।'

क्या कह रहे हैं राजनीतिक विश्लेषक?

राजनीतिक विश्लेषक आलोक पांडे का मानना है कि कांग्रेस पर्दे के पीछे से गेम कर रही है। उनके मुताबिक 'मेरा मानना है कि राजद ही नीतीश कुमार को पीएम के रूप में देखना नहीं चाहती। गौर कीजिए तेजस्वी यादव के बयान पर, उन्होंने कहा कि पीएम जीते हुए सांसद चुनते है और यह काम चुनाव के बाद होगा कि प्रधानमंत्री कौन बनेगा। जाहिर है अगर जीत हुई भी तो इंडिया के तमाम दलों में सबसे ज्यादा सांसद कांग्रेस के ही होंगे। तो राहुल गांधी ऐसे ही पीएम बन जाएंगे। तेजस्वी यादव अब तक राजनीति में परिपक्व हो गए हैं। उन्होंने ये बयान बहुत सोच समझ कर दिया है।'

Advertisement