बीएमएचआरसी में ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी के लिए आवश्यक क्यूसा समेत छह नई मशीनें आईं

बीएमएचआरसी में ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी के लिए आवश्यक क्यूसा समेत छह नई मशीनें आईं
भोपाल। करोंद इलाके में स्थित भोपाल मेमोरियल हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) में मशीनों और उपकरणों को तेजी से अपग्रेड किया जा रहा है। अस्पताल को प्रबंधन शहर के श्रेष्ठ हास्पिटल की सूची में शामिल करने के लिए तैयारियां कर रहा है। इसी कड़ी में ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी के लिए जरूरी क्यूसा समेत छह नई मशीनों को बीएचएमआरसी में इंस्टाल कराया गया है। बीएचएमआरसी की निदेशक डा. मनीषा श्रीवास्तव ने बताया कि इन मशीनों के आने के बाद कई बड़े आपरेशन की गुणवत्ता बेहतर हो जाएगी। इसके बाद कई बड़े आपरेशन करने में काफी सहूलियत होगी।

ये उन्नत मशीनें आईं

अत्याधुनिक एंडोस्कोपी - पेट संबंधी बीमारियों की जांच व इलाज के लिए जरूरी होती है। इससे पेट और आंतों से संबंधित विभिन्न जांचे-जैसे एंडोस्कोपी, कोलोनोस्कोपी, सिग्मोइडोस्कोपी हो सकेगी। सीबीडी स्टोन और गाल ब्लैडर, पैंक्रियाज, लिवर की बीमारियों के इलाज के लिए इआरसीपी प्रक्रिया भी हो सकेगी।

एडवांस्ड फेको - यह मशीन मोतियाबिंद के दर्द रहित आपरेशन में सहायक होगी। बहुत छोटे से चीरे से आपरेशन हो सकेगा। इससे मरीज जल्दी डिस्चार्ज होंगे। यह मशीन एरर प्रूफ है और सर्जन को गलती करने से भी रोकती है।

सी आर्म - बीएचएमआरसी में दो सी-आर्म मशीनें आईं हैं। इनका प्रयोग सर्जिकल प्रक्रियाओं के लिए किया जाता है। इससे सर्जन को आपरेशन की सही जगह की इमेज देखने को मिलती है।

क्यूसा मशीन - ब्रेन ट्यूमर निकालने में यह मशीन मददगार हैं। इससे आपरेशन कम समय में सहजता से संभव हो जाता है।

लिथोट्रिप्सी - किडनी स्टोन के आपरेशन में लाभकारी मानी जाती हैं। साइंस की नई तकनीकी पर आधारित हैं। इसके जरिए उच्च दबाव वाली ध्वनि तरंगों को मरीज के शरीर में भेजा जाता है, शाक वेब (ध्वनि तरंगों) से पथरी पर फोकस किया जाता है, फिर पथरी को तोड़ने के लिए उस पर तरंगों के माध्यम से फोकस किया जाता है। इसके बाद उसकी लोकेशन पर 1 से 2 हजार शाक वेब के वार किए जाते हैं, जिससे ध्वनि तरंगों की चोट से पथरी का पाउडर बन जाता है।

हार्मोनिक स्केल्पल - सर्जरी के दौरान इस मशीन का प्रयोग कई तरह की परेशानियों के लिए किया जाता है।

ओटी को कर रहे मजबूत

हम अपनी आपरेशन थिएटर (ओटी) को काफी मजबूत कर रहे हैं। इसी क्रम में अभी इन मशीनों को इंस्टाल कराया गया है। आगे भी हम अपडेट मशीनों को लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।

- डा. मनीषा श्रीवास्तव, निदेशक बीएचएमआरसी
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