बिहार धान के खेत में रोप डाली लाश की फसल खौफनाक कांड से थर्राया सीतामढ़ी

बिहार धान के खेत में रोप डाली लाश की फसल खौफनाक कांड से थर्राया सीतामढ़ी
सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी जिले से बुधवार को एक बड़ी और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। साथी ही कैसे साथी का दुश्मन बना जाते है और चंद पैसों की खातिर जान ले लेते है, का ही उदाहरण यह घटना है। साथी की हत्या कर खेत में गाड़ देने के बाद उसके ऊपर धान की रोपनी कर देने की खबर भले ही एक पल के लिए अविश्वसनीय लगेगा, लेकिन घटना सच है। इस मामले का पुलिस ने उद्भेदन कर लिया है। यह घटना जिले के सुरसंड थाना क्षेत्र के मरूकी गांव की है, जहां एक युवक के लिए जुए के खेल में 900 रुपये जान की कीमत बन गए।

धान के खेत में लाश की फसल!

उसके साथियों ने युवक की हत्या शव को धान के खेत में गाड़ दिया। मृतक मुंद्रिका कुमार (17 वर्ष) इसी गांव के कामोद यादव का पुत्र था। शव की सूचना पर थानाध्यक्ष राजकिशोर सिंह पुलिस बल के साथ धान के खेत में पहुंचे। वहां ग्रामीणों की भीड़ को देखते हुए थानाध्यक्ष ने वरीय अधिकारियों को सूचना दी। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर भिट्ठा ओपी, परिहार, बेला, बथनाहा और बाजपट्टी थाने की पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। बीडीओ कृष्णा राम एवं सीओ संजय कुमार की मौजूदगी में मिट्टी में गाड़े गये शव को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

सात दोस्तों ने लाश के ऊपर रोपा धान

घटना को लेकर मृतक के पिता ने FIR दर्ज कराई है। इस FIR में गांव के चंदन साह, जिलाजीत सहनी, विद्यानंद कुमार, बजरंगी सहनी, सुरेश सहनी, दिनेश साह और विनोद यादव को आरोपी बनाया गया है। कहा है कि 10 अगस्त को रात आठ बजे आरोपी उसके बेटे को पुल के समीप घूमने के लिए घर से बुलाकर ले गए। देर रात तक उनका पुत्र वापस नहीं लौटा। अगले दिन अपने पुत्र के बारे में पूछताछ करने पर आरोपितों ने बताया कि वह किसी रिश्तेदार के यहां गया है, लेकिन पर काफी खोजबीन करने के बाद भी पता नहीं चल सका। तब जाकर मृत किशोर के पिता ने 14 अगस्त को पुत्र की हत्या कर देने की प्राथमिकी दर्ज करायी।

मामले में चार आरोपी गिरफ्तार

इसी केस में पुलिस ने फौरन कार्रवाई करते हुए चंदन साह, जिलाजीत सहनी, विद्यानंद कुमार और बजरंगी सहनी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी टूट गए। उन्होंने कबूल किया कि 10 अगस्त को जुआ खेलने के दौरान मृतक मुद्रिका ने जिलाजीत से 400 और चंदन से 500 रूपये जीत लिए थे। रूपए हार जाने के बाद उसे घूमने के लिए बुलाकर ले जाया गया और गमछे से गला घोंटकर मुंद्रिका की हत्या कर दी गयी। इसके बाद शव को मृत युवक के चाचा प्रमोद राय के धान रोपे गए खेत में ही गाड़ दिया गया। शव गाड़ने के बाद आरोपियों ने फिर से उस पर धान रोप दिया, ताकि किसी को पता न चलें। लेकिन दो दिनों तक हुई मॉनसून की भारी बारिश में मिट्टी उतर गई और लाश दिखने लगी। इसके बाद आरोपियों ने वहीं गड्ढा खोद लाश को दफन कर दिया था।

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