फारूक खान हिज़्बुल मुजाहिदीन/हरकत-उल-जिहाद-अल-इस्लामी (HUJI) का पूर्व आतंकी कमांडर था और बाद में वो PoJK में जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) का नेता बन गया था। उसकी कल रात करीब 10 बजे मौत हो गई है। 27 जुलाई को मुजफ्फराबाद मार्च के दौरान पाकिस्तानी रेंजर्स की फायरिंग में वो घायल हो गया था। पहले वो भारत में आने वाले आतंकियों को ट्रेनिंग दिया करता था।
हिज़बुल के 'खालिद बिन वालिद' कैंप के मास्टरमाइंड का अंत
फारूक खान PoJK के पलंदरी का रहने वाला था। रिटायर होने से पहले वो 1960 से 1988 तक पाकिस्तानी सेना के स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) में कमांडो था। रिटायरमेंट के बाद वो यासीन मलिक के नेतृत्व वाले जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) में शामिल हो गया और भारत के खिलाफ ऑपरेशन के लिए आतंकियों को ट्रेनिंग देने लगा। 1990 के दशक में JKLF के अलावा वो आतंकी संगठनों हिज़्बुल मुजाहिदीन और हरकत-उल-जिहाद-अल-इस्लामी (HUJI) से भी जुड़ा था। वो हिज़्बुल मुजाहिदीन के 'खालिद बिन वलीद' ट्रेनिंग कैंप को चलाता था।हालांकि 2003 के बाद फारूक खान ने हिज़्बुल मुजाहिदीन छोड़ दिया और अपना पूरा समय JKLF की गतिविधियों में लगाने लगे। यासीन मलिक जब भी PoJK जाता था फारूक से मिलता था। फ़ारूक़ खान PoJK में 9 जून से चल रहे पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल था। 27 जुलाई को उसे उस वक्त गोली लगी जब पीओके के लोग रावलाकोट से मुजफ्फराबाद के लिए रैली निकाल रहे थे और वो उसमें शामिल था। शहीद चौक पर जब पाकिस्तानी सेना ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू की तो वो भी इसकी चपेट में आ गया था और बुरी तरह से घायल हो गया था।
आतंकवादी कैंप्स में फारूक खान की तस्वीरें
ओपन सोर्स इंटेलिजेंस OsintTV ने फारुक खान की तस्वीरें जारी की हैं जब वो आतंकवादी केन्द्रो में ट्रेनिंग दिया करता था। इन तस्वीरों में पाकिस्तान आर्मी के पूर्व SSG कमांडो मोहम्मद फारूक सुधन खान को आतंकवादी ट्रेनिंग कैंपों में देखा जा सकता है। तस्वीरों में फारूक सुधन खान को पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) के जंगलों में हथियारबंद रंगरूटों को ट्रेनिंग देते हुए दिखाया गया है।OsintTV ने तस्वीरें देने वाले सूत्र के हवाले से बताया है कि ये कैंप JKLF, JeM और LeT जैसे संगठनों से जुड़े थे और इनका इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ के लिए आतंकवादियों को तैयार करने में किया जाता था। ये तस्वीरें सबूत हैं कि पाकिस्तानी सेना किस तरह से भारत में आतंकवाद फैलाती थी।PoJK में हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तानी सेना ने फारूक को मार डाला। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस संगठन के लिए उसने कभी काम किया था वही PoJK विरोध-प्रदर्शनों के दौरान उसके खिलाफ हो गया। जब वह ISI के राज खोलने लगा तो उसका मुंह बंद कर दिया गया।











