'संजय मिश्रा ने मुझे शर्मिंदा किया', पिता के निधन के बाद हाथ लगी वो डायरी पढ़कर एक्टर का कलेजा फट गया

'संजय मिश्रा ने मुझे शर्मिंदा किया', पिता के निधन के बाद हाथ लगी वो डायरी पढ़कर एक्टर का कलेजा फट गया
'ऑफिस-ऑफिस' के 'शुक्ला' कहिए इन्हें या फिर 'धमाल' के 'बाबू भाई' अपने हर किरदार में लोगों के दिलों के बेहद करीब पहुंचने में सफल रहे हैं संजय मिश्रा। बिहार के दरभंगा में जन्मे संजय मिश्रा ने जिंदगी में कितने उतार-चढ़ाव देखे, इसके बारें हम सबको उन्होंने पहले भी खूब बताया है। अपनी एक्टिंग से लेकर अपने मजेदार और देसी डायलॉग से लोगों को गुदगुदाने वाले एक्ट संजय मिश्रा के लिए कभी उनके पापा ने अपनी डायरी में दिल तोड़ने वाली बात लिख दी थी।

बिहार के दरभंगा में पैदा हुए संजय को बचपन से ही पढ़ने में मन नहीं लगता था। हालांकि उनके पिता और दादा जी दोनों सरकारी कर्मचारी थे। पिता प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो में सरकारी कर्मचारी थे और उनके दादा जी इंडियन सिविल सर्वेंट थे। बात उन दिनों की है जब संजय मिश्रा के पिताजी का ट्रांसफर बनारस हुआ और वहीं केंद्रीय विद्यालय बीएचयू से शुरुआती पढ़ाई हुई। इसके बाद उनके पिताजी का ट्रांसफर दिल्ली हुआ और यहां से शुरू हुआ नैशनल स्कूल ऑफ ड्रामा का भी सफर। आइए जानते हैं वो किस्सा जब उनके पिताजी को लगा कि उनके बेटे ने उन्हें शर्मिंदा किया है।

'आज मेरे बेटे संजय ने मुझे मेरे दोस्तों के सामने शर्मिंदा किया'

संजय मिश्रा ने पिता के इस किस्से का जिक्र कुछ इस तरह से किया ता। भास्कर से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि उनके पापा ने डायरी में लिखा था, 'आज मेरे बेटे संजय ने मुझे मेरे दोस्तों के सामने शर्मिंदा किया, जो मेरे लिए बड़ा अफसोस है।' दरअसल संजय अपनी फैमिली के साथ अपनी ही फिल्म 'आलू चाट' देखने जा रहे थे। उससे ठीक पहले ही वह अस्पताल से डिस्चार्ज हुए थे और इस वजह से वो काफी चिड़चिड़े रह रहे थे। तब वह केवल घर वालों की खुशी के लिए उनके साथ सिनेमाहाल में फिल्म देखने गए।


सबके सामने पापा को सुनाई थी ये बात

इसी दौरान सिनेमाहॉल का गार्ड उनके पास आया और उनके साथ फोटो खींचने लगा। गार्ड उनके साथ लिफ्ट में भी आ गया। ये सब देखकर संजय मिश्रा को गुस्सा आ रहा था। इसके बाद उस गार्ड ने फरमाइश की कि सर मेरी बंदूक लेकर एक पोज हो जाए। आखिर एक्टर के सब्र का बांध टूटा और उन्होंने गाली दे दी। ये सब देखकर उनके पिताजी ने धीरे से उनसे कहा- बेटा तुम्हें गार्ड पर इस तरह चिल्लाना नहीं चाहिए था। संजय ने उन्हें तपाक से जवाब दिया- आपको क्या पता, क्या किसी ने आपके साथ फोटो खिंचवाने के लिए ऐसा किया है? ये सुनकर उनके पिताजी बिल्कुल चुप हो गए।

दो दिन पुरानी कटहल की सब्जी और पिता की नफरत

ये बात बीत गई और फिर उन दिनों संजय दिल्ली में शूटच कर रहे थे। उन्होंने पापा से कहा कि आइए साथ डिनर करेंगे, मैं गाड़ी भेजता हूं। उन्होंने हां तो कहा लेकिन आए नहीं। बाद में पता लगा कि उनकी तबीयत खराब है, क्योंकि उन्होंने कटहल की दो दिन पुरानी सब्जी खा ली थी। इस बात पर संजय ने उन्हें कहा- क्या जरूरत थी पुरानी सब्जी खाने की तो उन्होंने कहा कि उन्हें उनकी सलाह की जरूरत नहीं और अगले दिन उनके पापा नहीं रहे।

यही लग रही थी कि बस पापा एक बार उठ जाएं

उनके गुजर जाने के बाद एक बार संजय मिश्रा को पिता की लिखी डायरी हाथ लगी जिसमें उन्होंने सिनेमाहाल के दिन वाली बात लिखी थी। डायरी में पिताजी ने लिखा था- संजय अच्छा काम करता है। उसमें कुछ तो बात है, लेकिन उनसे पहली बार मुझे मेरे दोस्तों के सामने शर्मिंदा किया। बस, संजय ने जैसे ही ये लाइन पढ़ी उनका हालत खराब हो गई। उन्हें बस यही लग रही थी कि बस पापा एक बार उठ जाएं और फिर वो उन्हें अपना गला काटकर बता दें कि उन्होंने कभी उन्हें शर्मिंदा नहीं करना चाहा है, मुझे माफ कर दीजिए। एक्टर ने कहा, ये अफसोस मुझे जिंदगी भर रहेगा।

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