याची फहमीदा का कहना है कि सह अभियुक्तों की गिरफ्तारी पर कोर्ट ने पहले ही रोक लगा रखी है। इसलिए याची की भी गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए। याचिका में दर्ज एफआईआर की वैधता को चुनौती दी गई है। अधिशासी अधिकारी मोहम्मदाबाद वीरेंद्र कुमार राव की तहरीर के अनुसार, मोहल्ला काजी टोला वार्ड नंबर 6 में नान जेड ए (सरकारी जमीन) की आराजी तालाब के रूप में कागजातों में दर्ज थी। इसे मुख्तार अंसारी की बहन फहमीदा की सास के नाम दर्ज करा दिया गया। ऐसा करने के लिए कागजातों में हेराफेरी की गई। बाद में यह जमीन मुख्तार अंसारी की बहन के नाम करा दी गई। फिर कुछ वक्त के बाद इस जमीन में प्लाटिंग कराई गई। कुल 14 लोगों को जमीन के प्लॉट्स बेच दिए गए। भूमि के विवरण को टैक्स एसेसमेंट रजिस्टर में भी दर्ज कर दिया गया।
शमीम अहमद मोहम्मदाबाद नगर पालिका के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इन लोगों पर जमीन की हेराफेरी कर रजिस्ट्री कराने का आरोप है। आरोप यह भी है कि बाद में व्यावसायिक लाभ के लिए मुख्तार के कहने पर प्लाटिंग कर अवैध कब्जे की जमीन को बेच दिया गया।











