पहले जानते हैं आज कोर्ट में क्या हुआ?
गोपालगंज व्यवहार न्यायालय में जेडीयू विधायक की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने पक्ष रखा। उन्होंने अपने मुवक्किल के बचाव में तर्क दिया कि यह विशुद्ध रूप से एक पुराना भूमि विवाद है, जिसे आपराधिक रंग देने की कोशिश की गई है। इस मामले में शिकायतकर्ता ने पहले ही सिविल सूट फाइल किया हुआ है। ऐसे में यह मामला पुलिसिया कार्रवाई के बजाय कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है।अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद केस डायरी का अध्ययन करने का निर्णय लिया है। विधायक के साथ-साथ उनके भाई सतीश पांडेय और अन्य आरोपियों से जुड़े मामलों की सुनवाई भी 7 मई को निर्धारित की गई है। अदालत ने तब तक के लिए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। यानी पुलिस अब 7 मई तक पप्पू पांडेय को गिरफ्तार नहीं कर सकेगी।
अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय से जुड़ा मामला क्या?
कुचायकोट विधानसभा सीट से दबदबा रखने वाले अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय, उनके भाई सतीश पांडेय और सीए राहुल तिवारी के खिलाफ भू-माफियाओं को संरक्षण देने और जमीन कब्जाने के गंभीर आरोप में गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। जमीन का ये मामला कुचायकोट थाना क्षेत्र के बेलवा गांव से जुड़ा है। इस मामले में कुचायकोट थाने में मामला दर्ज है। पुलिस इसी मामले में विधायक की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही थी, लेकिन अब कोर्ट के उनकी गिरफ्तारी पर अस्थायी रोक लगा दी है।











