रिलायंस को नतीजे में मिला दमदार मुनाफा, लेकिन BSE में गिर गए शेयर
मुंबई: मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयर सोमवार को 2.7% गिर गए। यह गिरावट BSE पर हुई और शेयर की कीमत 1,436.85 रुपये पर आ गई। कंपनी ने शुक्रवार को अपने Q1 के नतीजे जारी किए थे। इन नतीजों में कंपनी ने अब तक का सबसे ज्यादा मुनाफा और EBITDA दर्ज किया था।
ब्रोकरेज फर्म ने जतायी निराशा
ज्यादातर ब्रोकरेज कंपनियों का मानना है कि कंपनी का मुनाफा तो अच्छा रहा, लेकिन ऑपरेशनल परफॉर्मेंस मुख्य बिजनेस सेगमेंट में उम्मीदों से कम रही। जेफरीज ने कहा है कि कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA उनकी उम्मीदों से 3% कम रहा। O2C और रिटेल सेगमेंट में यह कमी क्रमशः 5% और 4% रही। जेफरीज ने RIL के शेयर खरीदने की सलाह दी है और टारगेट प्राइस 1,726 रुपये रखा है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि कोर रिटेल की ग्रोथ सिर्फ 8% रही, क्योंकि शुरुआती मानसून की वजह से इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री कम हुई और जगह बढ़ाने का काम भी धीमा रहा। एमके ने भी निराशा जताते हुए कहा कि RIL का कंसोलिडेटेड EBITDA और एडजस्टेड प्रॉफिट Q1FY26 में उम्मीद से कम रहा। EBITDA 5% कम रहा और 429 बिलियन रुपये रहा, जबकि प्रॉफिट 7% कम रहा और 181 बिलियन रुपये रहा। इसकी वजह O2C और रिटेल EBITDA का प्रदर्शन उम्मीद से क्रमशः 6% और 5% कम रहना था।
कंपनी के ग्रोथ इंजन का नतीजा निराशाजनक
रिलायंस रिटेल को कभी कंपनी का ग्रोथ इंजन माना जाता था। लेकिन इस बार इसके नतीजे निराशाजनक रहे। इससे एनालिस्ट चिंतित हैं। मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि रिलायंस रिटेल का ऑपरेशनल EBITDA उनकी उम्मीद से लगभग 7% कम रहा। इसकी वजह यह थी कि कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ 11% रही, जबकि उनकी उम्मीद 16% की थी। जेपी मॉर्गन को रिटेल की रफ्तार को लेकर खास चिंता थी। उन्होंने कहा कि रिटेल ग्रोथ 11% तक धीमी हो गई है और यह उनकी उम्मीदों से कम है। जेपी मॉर्गन ने RIL के शेयर को 'ओवरवेट' रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस को 1,568 रुपये से बढ़ाकर 1,695 रुपये कर दिया है। इससे पता चलता है कि कंपनी को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। रिटेल में कमजोरी की वजह मौसमी कारण और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में कमी थी। जेफरीज ने बताया कि शुरुआती मानसून की वजह से इलेक्ट्रॉनिक्स का प्रदर्शन धीमा रहा और जगह बढ़ाने का काम भी धीमा रहा।











