आरबीआई गवर्नर ने कहा कि भारत दुनिया का नया ग्रोथ इंजन बनने की तरफ आगे बढ़ रहा है। साथ ही दास ने कहा कि उच्च महंगाई ग्रोथ के लिए एक बड़ा खतरा है।
4 बार से नहीं बदली गई रेपो रेट
लगातार चौथी बार आरबीआई ने रेपो रेट को अपरिवर्तित रखा है। इससे लोन पर ब्याज दरें प्रभावित नहीं होंगी। बैंक आमतौर पर रेपो रेट में बदलाव होने पर ही लोन की ब्याज दरों में बदलाव करते हैं। दूसरी तरफ अमेरिका में आगे ब्याज दरों में सख्त रुख के संकेत हैं। वहां लंबे समय तक ब्याज दरें उच्च बनी रह सकती हैं।
अमेरिका में ब्याज दरें उच्च बने रहने के संकेत
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल डॉलर में मजबूती के साथ-साथ आया है। डॉलर इसलिए मजबूत हुआ, क्योंकि यूएस फेड ब्याज दरों को लंबे समय तक हाई लेवल पर बनाए रखना चाहता है। इससे वैश्विक निवेशकों में उभरते बाजारों की सिक्योरिटीज के प्रति आकर्षण कम हो गया है। विदेशी फंड्स ने सितंबर में पहली बार इस वित्त वर्ष में भारतीय शेयरों में शुद्ध बिकवाली की, भले ही निफ्टी पहली बार 20,000 के स्तर को पार कर गया।











