AIF के रास्ते गड़बड़ियों रोकने के लिए RBI के उठाया सख्त कदम, सर्कुलर जारी

AIF के रास्ते गड़बड़ियों रोकने के लिए RBI के उठाया सख्त कदम, सर्कुलर जारी
नई दिल्ली : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (AIFs) के जरिये पुराने लोन को लौटाने के लिए नया कर्ज लेने की व्यवस्था (एवरग्रिनिंग) पर लगाम लगाने को लेकर कदम उठाया है। इसके तहत बैंक और नॉन-बैंकिंग फाइनैंशल कंपनियां (NBFC) उस AIFs की किसी भी योजना में निवेश नहीं कर सकतीं, जिसने वित्तीय संस्थान से पिछले 12 महीनों में कर्ज लेने वाले लैंडर्स की कंपनी में डायरेक्ट या इनडायरेक्ट तरीके से निवेश कर रखा है।

बैंक और एनबीएफसी अपने नियमित निवेश गतिविधियों के तहत AIF की इकाइयों में निवेश करती हैं। वेंचर कैपिटल फंड, इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड, प्राइवेट इक्विटी फंड, एंजल फंड समेत अन्य AIF के तहत आते हैं। आरबीआई ने एक सर्कुलर में कहा कि बैंक और एनबीएफसी के कुछ लेन-देन में AIF शामिल है। इससे रेगुलेटरी लेवल पर चिंता सामने आई है। रिजर्व बैंक ने कहा कि इसके माध्यम से AIF के जरिये पुराने कर्ज को लौटाने के लिए नई कर्ज की व्यवस्था पर रोक लगाने के लिए कदम उठाये हैं। साथ ही आरबीआई ने वित्तीय संस्थानों से कहा है कि ऐसे निवेश को 30 दिन के भीतर निपटाने की जरूरत होगी। RBI ने कहा कि यदि रेग्यूलेटेड एंटिटि (REs) , जैसे बैंक और एनबीएफसी ऐसा करने में असमर्थ है, तो उन्हें इन निवेशों पर 100 प्रतिशत प्रावधान करने की आवश्यकता होगी।

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