भोपाल। मानसूनी द्रोणिका के ऊपर की तरफ खिसकाने के कारण हवाओं का रुख बदल गया है। इसके चलते जहां प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में मौसम पूरी तरह शुष्क हो गया है, वहीं पूर्वी हिस्सों में फिलहाल गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ रही हैं। इस मौसमी बदलाव का सीधा असर तापमान पर भी पड़ा, जिससे दिन और रात के पारे में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक का उछाल आया है।
गरज-चमक के साथ बौछारें
सोमवार शाम को प्रदेश के श्योपुर, ग्वालियर, दतिया, अशोकनगर, विदिशा, सागर, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, कटनी, दमोह और रायसेन में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ीं। राजधानी भोपाल में धूप-छांव के साथ उमस भरी गर्मी से नागरिक बेहाल रहे हैं। वहीं इंदौर और जबलपुर के तापमान में 2.4 से 2.9 डिग्री तक की वृद्धि हुई।
एक्टिव सिस्टम नहीं होने से भारी वर्षा के आसार नहीं
मौसम विज्ञानी अरुण शर्मा ने बताया कि वर्तमान में कोई भी एक्टिव वेदर सिस्टम सक्रिय नहीं है। मानसून ट्रफ अब श्री गंगानगर, हिसार, मुरादाबाद, गोरखपुर, बालुरघाट से होकर मणिपुर की ओर गुजर रही है। वहीं एक पश्चिमी विक्षोभ साइक्लोनिक सर्कुलेशन के रूप में मध्य पाकिस्तान के ऊपर 3.1 किमी की ऊंचाई पर है।
इसके अलावा दक्षिणी बांग्लादेश और उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर भी एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। मजबूत सिस्टम न होने के कारण आगामी तीन-चार दिनों तक प्रदेश में कहीं भी भारी वर्षा की उम्मीद नहीं है। अगले चार-पांच दिनों तक पश्चिमी मध्य प्रदेश में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा, जबकि पूर्वी अंचलों में गरज-चमक के साथ छिटपुट बौछारें पड़ती रहेंगी।











