कोचिंग संस्थानों को शपथ पत्र और फायर प्लान जमा करने के लिए दिया गया अल्टीमेटम भी खत्म हो गया है। सोमवार तक नोटिस पाने वाले 61 संस्थानों में से सिर्फ 30 ने ही 200 रुपए के न्यायिक स्टॉम्प पर शपथ पत्र के साथ फायर प्लान जमा किया, जबकि 31 ने कोई जवाब नहीं दिया।
निगम की टीम ने उन्हें फोन कर शपथ पत्र देने के लिए भी कहा, लेकिन कुछ संस्थानों ने बताया कि उन्होंने कोचिंग ही बंद कर दी है। अब मंगलवार से निगम की टीम सभी कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण शुरू करेगी। शपथ पत्र नहीं देने वालों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई होगी।
एक सप्ताह पहले मीटिंग की थी फायर अधिकारी सौरभ पटेल ने बताया कि एक सप्ताह पहले नगर निगम मुख्यालय (अटल भवन) में अपर आयुक्त की अध्यक्षता में हाई-लेवल बैठक हुई थी। इसमें नोटिस पाने वाले 61 संस्थानों समेत 70 से ज्यादा कोचिंग संचालक और भवन स्वामी शामिल हुए थे।
सभी को सोमवार तक 200 रुपए के न्यायिक स्टॉम्प पर शपथ पत्र के साथ फायर प्लान देने और ऑटोमैटिक डोर नहीं लगाने समेत 20 बिंदुओं वाली फायर सुरक्षा गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश दिए गए थे।
रिपोर्ट देने के बाद ही शुरू कर सकेंगे कोचिंग
- बेसमेंट का उपयोग सिर्फ पार्किंग या स्टोर के लिए होगा। 200 वर्गमीटर से बड़ा होने पर स्प्रिंकलर सिस्टम अनिवार्य रहेगा।
- दो इमरजेंसी एग्जिट अनिवार्य होंगे। इनके पास ज्वलनशील सामान, बिजली के उपकरण या ऑटोमेटिक लॉक वाले दरवाजे नहीं होंगे।
- हर साल फायर और इलेक्ट्रिकल ऑडिट कराकर रिपोर्ट निगम को देनी अनिवार्य होगी।
- हर चार महीने में मॉक ड्रिल होगी। स्टाफ को फायर सिलेंडर और गार्ड को हाइड्रेंट सिस्टम चलाने का प्रशिक्षण देना होगा।
- बिजली जाने पर फायर पंप डीजी सेट की बायपास लाइन से जुड़े रहेंगे। एग्जिट एरिया में इलेक्ट्रिक पैनल या उपकरण नहीं होंगे। हर फ्लोर पर एग्जिट प्लान लगाना अनिवार्य होगा।
- ऑटोमेटिक फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्शन सिस्टम ऑटो मोड में रहेंगे और फ्यूम मास्क रखना होगा।
कमियों को दूर करने के लिए एक महीने का समय फायर अधिकारी सौरभ पटेल ने कहा कि जिन संस्थानों ने 200 रुपए के न्यायिक स्टाम्प पर शपथ पत्र और फायर प्लान दिया है, उन्हें कमियां दूर करने के लिए एक महीने का समय मिला है। इस दौरान वे कोचिंग क्लास नहीं लगा सकेंगे और 15 दिन में प्रगति रिपोर्ट देनी होगी। सादे कागज पर दिए गए फायर प्लान निगम ने लौटा दिए।











