रसोई में बनाया प्रोडक्ट, घर-घर जाकर बेचा, जानिए कैसे राशन की दुकान चलाने वाले ने खड़ी की अरबों की कंपनी

रसोई में बनाया प्रोडक्ट, घर-घर जाकर बेचा, जानिए कैसे राशन की दुकान चलाने वाले ने खड़ी की अरबों की कंपनी
नई दिल्ली : वीको टरमरिक, नहीं कॉस्मेटिक, वीको टरमरिक आयुर्वेदिक क्रीम... वज्रदंती, वज्रदंती वीको वज्रदंती... एक समय था जब सिनेमा हॉल में फिल्में देखने जाते थे, तो यह विज्ञापन जरूर आता था। टीवी पर भी ये जिंगल हिट थे। आज जो वीको (Vicco) इतनी पॉपुलर है, एक समय इसके प्रोडक्ट घर-घर जाकर बेचने पड़ते थे। शुरुआत में एक किचन में विको के प्रोडक्ट बनाए गए थे। विको की कहानी बड़ी दिलचस्प है। और इससे भी दिलचस्प कहानी है इसके फाउंडर की। एक राशन की दुकान चलाने वाला लड़का, जिसने अरबों रुपयों की कंपनी खड़ी कर दी। आइए जानते हैं।

पहला आयुर्वेदिक ब्रांड


इस समय आयुर्वेदिक प्रोडक्ट तैयार करने वाली कई सारी कंपनियां हैं। कई नए स्टार्टअप्स भी आ गए हैं। पतंजलि एक बड़ा ब्रांड है। लेकिन विको ने आयुर्वेद की मुहिम ऐसी कंपनियों के वजूद में आने से काफी पहले ही छेड़ दी थी। विको ने साल 1952 में आयुर्वेद पर आधारित अपना पहला प्रॉडक्ट मार्केट में उतारा था। टूथपेस्ट और पाउडर के मामले में विको ही देश का पहला आयुर्वेदिक ब्रांड है।

वीको यानी विष्णु इंडस्ट्रियल केमिकल कंपनी


वीको का पूरा नाम विष्णु इंडस्ट्रियल केमिकल कंपनी है। नागपुर में एक राशन की दुकान चलाने वाले केशव विष्णु पेंढरकर ने साल 1952 में इसकी शुरुआत की थी। राशन की दुकान से केशव इतना नहीं कमा पा रहे थे कि अच्छे से परिवार का भरण-पोषण कर पाएं। वे कुछ अलग करना चाहते थे। वे अपने सपनों को पूरा करने के लिए अपने परिवार के साथ मुंबई आ गए।

इस तरह आया आइडिया


केशव ने मुंबई आकर कई छोटे बिजनस शुरू किये। वे इस दौरान बाजार को समझते रहे और गलितियों से सीखते रहे। यहां उनका ध्यान एलोपैथिक दवाइयों और पॉन्ड्स, नीविया, अफगान स्नो जैसे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट की तरफ गया। ये सब विदेशी ब्रांड थे। ऐसे में विष्णु ने एक नेचुरल आयुर्वेदिक प्रॉडक्ट बनाने के बारे में सोचा। विष्णु को इसके लिए आयुर्वेदिक दवाओं की जानकारी चाहिए थी। इममें उनके साले ने उनकी मदद की।

रसोई में बनाया पहला प्रोडक्ट


3 कमरों के घर में रह रहे केशव ने अपनी रसोई को ही आयुर्वेदिक प्रोडक्ट के लिए मैन्युफैक्चरिंग यूनिट बना लिया था। दूसरे कमरों को गोदाम और ऑफिस बना लिया। इस तरह एक छोटे से घर में विको कंपनी की शुरुआत हुई। पहला आयुर्वेदिक प्रॉडक्ट ‘विको वज्रदंती टूथ पाउडर’ तैयार किया गया। इस प्रॉडक्ट के लिए दावा किया गया कि यह 18 जड़ी बूटियों से बना है। साथ ही यह दांतों की सफाई व मसूढ़ों को मजबूत करने में बेहद उपयोगी है। खास बात यह थी कि यह पाउडर केमिकल फ्री था।


चल गया बिजनस

शुरुआत में केशव अपने बेटों के साथ लोगों के घर-घर जाकर विको टूथ पाउडर बेचने और उसका प्रचार करने लगे। यह आसान नहीं था। उन्हें कई लोगों से डांट भी सुननी पड़ी। कई तो बिना बात सुने ही भगा देते थे। लेकिन केशव ने हार नहीं मानी। धीरे-धीरे इस प्रोडक्ट की लोगों के बीच पहचान बनने लगी। इसके बाद जब कंपनी अच्छा करने लगी कि पेंढरकर परिवार ने इसे रजिस्टर करा लिया। जैसे-जैसे समय बढ़ा कंपनी की ग्रोथ भी बढ़ती गई।




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