आज 13 अक्टूबर को पार्श्वगायक किशोर कुमार की पुण्यतिथि है। मध्यप्रदेश सरकार उनकी याद में इस साल का राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान एक्टर रघुवीर यादव को देने जा रही है। वे पंचायत वेब सीरीज में प्रधान का रोल निभा चुके हैं।
हालांकि, सम्मान के लिए एक्टर अनुपम खेर का नाम तय हुआ था। लेकिन शर्त यह थी कि सम्मान लेने के लिए उन्हें किशोर दा की जन्मस्थली खंडवा आना होगा।
बताते हैं कि, वे विदेश दौरे पर हैं, जिसके चलते रघुवीर यादव को चुना गया।
खंडवा में पुलिस ग्राउंड में मंगलवार देर शाम सम्मान समारोह का आयोजन होना है। इस कार्यक्रम में मप्र सरकार के संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधी और जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह शामिल होंगे।
रघुवीर यादव : वेब सीरीज पंचायत प्रधान जी से लोकप्रिय हुए।
- जन्म: 25 जून 1957, जबलपुर, मध्यप्रदेश
- पहचान: अभिनेता, गायक और संगीतकार
- प्रशिक्षण: नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD), नई दिल्ली
- फिल्मी शुरुआत: मैसी साहब (1985)
- प्रमुख फिल्में: सलाम बॉम्बे!, बैंडिट क्वीन, दिल से, लगान, वॉटर और पीपली लाइव
पुरस्कार
- सिल्वर पीकॉक अवॉर्ड (1987): फिल्म मैसी साहब के लिए IFFI में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार।
- FIPRESCI क्रिटिक्स अवॉर्ड (1986): मैसी साहब के लिए वेनिस फिल्म फेस्टिवल में सम्मान।
- फिल्मफेयर OTT अवॉर्ड (2020): वेब सीरीज पंचायत के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता (कॉमेडी)।
- फिल्मफेयर OTT अवॉर्ड (2022): पंचायत सीजन 2 के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता (कॉमेडी)।
- लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड (2025): अभिनय और कला में योगदान के लिए जबलपुर में सम्मान।
पहले समाधि स्थल पहुंचेंगे यादव सम्मान लेने के लिए रघुवीर यादव भी खंडवा आएंगे। परपंरा अनुसार वे समारोह से पहले किशोर कुमार समाधिस्थल जाएंगे। इसके बाद समारोह में राष्ट्रीय किशोर कुमार अलंकरण सम्मान से उन्हें नवाजा जाएगा।
आयोजन संस्कृति विभाग का है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस कार्यक्रम में वर्चुअल जुड़ेंगे।
भोपाल में होता था आयोजन, विजय शाह खंडवा लाए राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान की शुरुआत मध्यप्रदेश सरकार ने किशोर कुमार के निधन के 10 साल बाद 1997-98 में की थी। सम्मान समारोह का आयोजन राजधानी भोपाल में होने लगा।
सरकार बदली और उमा भारती की सरकार में खंडवा के हरसूद विधायक विजय शाह को संस्कृति मंत्री बनाया गया। तब मंत्री शाह ने यह पहल की कि आयोजन भोपाल की बजाय खंडवा में होगा।
फिर शर्त जोड़ी… सम्मान चाहिए तो खंडवा आइये दरअसल, सम्मान के लिए कलाकार का चयन एक ज्यूरी करती हैं। यह 5 सदस्यीय कमेटी मुंबई में फिल्म जगत से जुड़ी रहती हैं। जो कि नाम तय करती हैं।
कई बार देखा गया है कि, इस राष्ट्रीय सम्मान के लिए चयनित शख्सियत को मुंबई में उनके घर जाकर यह सम्मान दिया जाने लगा।
2010 में अभिनेता देवआनंद को उनके घर जाकर सम्मान दिया, तब से एक परपंरा बनने लगी कि हर कलाकार को उनके घर जाकर सम्मान दिया जाने लगा। जिससे कि खंडवा में किशोर प्रेमियों में नाराजगी पनपी।
इसके बाद साल 2025 में एक शर्त जोड़ी गई कि जिसे सम्मान दे रहे हैं, उनका खंडवा आना अनिवार्य होगा।
अनुपम खेर ने असमर्थता जताई, फिर नाम बदला किशोर प्रेरणा मंच के प्रवक्ता सुनील जैन के अनुसार, इस साल 2026 के राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान के लिए ऐनवक्त पर कलाकार का नाम फायनल हो पाया।
इसके बाद यह बात सामने आई कि कमेटी ने एक्टर अनुपम खेर का नाम तय कर लिया था। इसकी घोषणा से पहले कमेटी ने अनुपम खेर से बात की तो उन्होंने खंडवा आने में असमर्थता जताई।
बताया गया कि वह 17 अक्टूबर तक इंडिया से बाहर हैं। जिसके चलते ज्यूरी ने ऐनवक्त पर नाम बदला और रघुवीर यादव को चयनित किया।
1997 में शुरू हुआ, 5 लाख सम्मान राशि इस सम्मान की शुरूआत (वर्ष 1997-98) में मध्य प्रदेश शासन द्वारा की गई थी। यह सिनेमा क्षेत्र में निर्देशन, अभिनय, पटकथा लेखन और गीत लेखन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कलाकारों को प्रदान किया जाता है।
यह सम्मान दीर्घ साधना, श्रेष्ठ उपलब्धि और सिनेमा के क्षेत्र में सक्रिय योगदान के आधार पर दिया जाता है।
इसमें वर्तमान में 5 लाख रुपये की सम्मान राशि, एक स्मृति चिन्ह और शॉल-श्रीफल प्रदान किया जाता है (मूल रूप से इसकी शुरुआत 2 लाख रुपये से हुई थी)।
