अस्थमा अटैक के बाद पोप की हालत गंभीर:दर्द बढ़ा, खून भी चढ़ाया गया; 21 फरवरी को डॉक्टर ने खतरे से बाहर बताया था

अस्थमा अटैक के बाद पोप की हालत गंभीर:दर्द बढ़ा, खून भी चढ़ाया गया; 21 फरवरी को डॉक्टर ने खतरे से बाहर बताया था

अस्थमा अटैक के बाद पोप फ्रांसिस की हालत शनिवार को एक बार फिर गंभीर हो गई। इस वजह से उन्हें ऑक्सीजन के हाई फ्लो की जरूरत पड़ी। डॉक्टरों ने 21 फरवरी (शुक्रवार) को उन्हें खतरे से बाहर बताया था और कहा था कि उनकी हालत में सुधार हो रहा है।

कैथलिक ईसाई धर्मगुरु पोप फ्रांसिस (88 साल) को फेफड़ों में इन्फेक्शन की वजह से एक सप्ताह पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका निमोनिया और एनीमिया का इलाज भी चल रहा है। एनीमिया के इलाज के लिए शनिवार को उन्हें खून चढ़ाया गया।

वेटिकन प्रेस ऑफिस ने बताया कि- पोप साप्ताहिक एंजेलस प्रार्थना नहीं करेंगे। करीब 12 साल के कार्यकाल में यह तीसरी बार होगा, जब पोप इस प्रार्थना सभा का हिस्सा नहीं होंगे। बीते दिन की तुलना में दर्द बढ़ गया है।

जानिए पिछले 1 हफ्ते में क्या हुआ...

  • 17 फरवरी वेटिकन प्रेस ऑफिस ने कहा- पोप को सांस नली में पॉलीमाइक्रोबियल इन्फेक्शन है। इसकी वजह से उनके मेडिकल ट्रीटमेंट में बदलाव करना पड़ा है।
  • 18 फरवरी बयान में कहा गया- दोनों फेफड़ों में निमोनिया होने के बावजूद पोप फ्रांसिस अच्छे मूड में हैं।
  • 19 फरवरी बताया गया- पोप की हालत गंभीर बनी हुई है। पोप अस्पताल से ही काम कर रहे हैं।
  • 20 फरवरी पोप के अंतिम संस्कार के रिहर्सल की खबरें सामने आईं। इसके बाद वेटिकन प्रेस ऑफिस ने बताया कि पोप की हालत स्थिर है। उनके ब्लड टेस्ट में थोड़ा सुधार दिखाई दे रहा है। CNN ने एक सोर्स के हवाले से बताया कि पोप अपने बेड से उठकर अस्पताल के कमरे में कुर्सी पर बैठने की हालात में हैं।
  • 21 फरवरी पोप का ऑपरेशन कर चुके डॉ सर्जियो अल्फीरी से पूछा गया कि क्या पोप खतरे से बाहर हैं तो उन्होंने न में जवाब दिया। उन्होंने कहा- दोनों दरवाजे खुले हैं, लेकिन तत्काल मौत होने का खतरा नहीं है। इलाज में वक्त लगेगा। उन्हें अगले हफ्ते भी अस्पताल में रहना पड़ सकता है।
  • 22 फरवरी अस्थमा अटैक के बाद पोप की हालत एक बार फिर गंभीर हो गई। एक दिन पहले की तुलना में दर्द बढ़ गया।

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