कानपुर में फर्जी बेल पेपर पर रिहाई का मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। संयुक्त पुलिस आयुक्त आनंद प्रकाश तिवारी ने कहा कि तीनों आरोपियों पर आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जेसीपी ने कहा कि उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। फरार तीनों को गिरफ्तार करने के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। चौंका देने वाले फर्जीवाड़े की जानकारी देते हुए पुलिस ने कहा कि नरेंद्र सचान नाम के व्यक्ति को 8 जून को जिले के गुजैनी इलाके के पिपौरी में अपने पड़ोस में 13 वर्षीय लड़की के साथ रेप करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
जारी करवा दिया रिहाई आदेश
नरेंद्र ने अपर जिला जज की विशेष पॉक्सो अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की थी। जमानत अर्जी को अदालत ने खारिज कर दिया। कोर्ट का आदेश भी ऑनलाइन अपलोड कर दिया गया। जांच के दौरान पता चला कि एक स्थानीय वकील, जिसकी पहचान अभी तक उजागर नहीं हो पाई है, उसने कोर्ट के क्लर्क अश्वनी के साथ मिलकर धोखाधड़ी से जमानत आदेश की अस्वीकृति को जमानत की स्वीकृति के आदेश में बदल दिया। फर्जी जमानत आदेश के आधार पर कानपुर जिला जेल में परवाना (रिहाई आदेश) भेज दिया गया।फर्जी आदेश पर रिहाई
कोतवाली निरीक्षक चंद्रकांत मिश्रा ने इस मामले में बताया कि फर्जी बेल पर रिहाई मामले की जांच चल रही है। कोर्ट के आदेश, रिहाई आदेश की तारीखों का पता लगाने और धोखाधड़ी में शामिल वकील की पहचान स्थापित करने की कोशिश की जा रही है।











