कच्चे तेल की कीमतों में इस आग ने इंडियन ऑयल (IOC), HPCL, BPCL और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी दिग्गज कंपनियों के मार्जिन को पूरी तरह खत्म कर दिया है। जहां अमेरिका जैसे देशों ने कच्चे तेल के साथ ही पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतें बढ़ा दी हैं, वहीं भारत में तेल कंपनियों ने फिलहाल कीमतों को स्थिर रखा है।
31 मार्च के बाद बढ़ेगी पेट्रोल-डीजल की कीमत? भारत में क्रूड ऑयल 136 डॉलर के पार, ईरान युद्ध से चौतरफा मार
नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण पश्चिम एशिया में पैदा हुए तनाव ने भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती खड़ी कर दी है। खाड़ी देशों में जारी संघर्ष के कारण भारतीय रिफाइनरों के लिए कच्चे तेल की लागत में 93% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक शुक्रवार को भारतीय क्रूड बास्केट की कीमत 136.56 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो युद्ध शुरू होने से पहले (26 फरवरी) मात्र 70.9 डॉलर थी। माना जा रहा है कि 31 मार्च के बाद देश में पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ सकती है।
कच्चे तेल की कीमतों में इस आग ने इंडियन ऑयल (IOC), HPCL, BPCL और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी दिग्गज कंपनियों के मार्जिन को पूरी तरह खत्म कर दिया है। जहां अमेरिका जैसे देशों ने कच्चे तेल के साथ ही पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतें बढ़ा दी हैं, वहीं भारत में तेल कंपनियों ने फिलहाल कीमतों को स्थिर रखा है।
कच्चे तेल की कीमतों में इस आग ने इंडियन ऑयल (IOC), HPCL, BPCL और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी दिग्गज कंपनियों के मार्जिन को पूरी तरह खत्म कर दिया है। जहां अमेरिका जैसे देशों ने कच्चे तेल के साथ ही पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतें बढ़ा दी हैं, वहीं भारत में तेल कंपनियों ने फिलहाल कीमतों को स्थिर रखा है।











