पाकिस्तानी राजनेता और पूर्व सीनेटर मुस्तफा नवाज खोखर ने एक्स पर लिखा, बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का पाकिस्तान का फैसला दिखाता है कि यह सरकार पाकिस्तानी लोगों की जरा भी परवाह नहीं करती। उन्होंने कहा कि बिना किसी सार्वजनिक बहस और संसद की राय के बगैर इसमें पाकिस्तान शामिल हो गया। उन्होंने बोर्ड ऑफ पीस को गलत ठहराने के लिए कई वजहें बताई हैं।
बोर्ड को कहा औपनिवेशिक कोशिश
उन्होंने बोर्ड ऑफ पीस को एक 'औपनिवेशिक कोशिश' बताया जिसका 'मकसद न सिर्फ गाजा पर राज करना है, बल्कि संयुक्त राष्ट्र के समानांतर एक सिस्टम बनाना है।' बोर्ड ऑफ पीस को लेकर ऐसी आशंका कई एक्सपर्ट जाहिर कर चुके हैं। खोखर ने चिंता जताई कि यह बोर्ड ऐसे तरीकों और संस्थानों से अलग होने की हिम्मत रखेगा जो अक्सर फेल हो गए हैं।ट्रंप के पास होगी पूरी ताकत
पूर्व पाकिस्तानी सीनेटर ने बोर्ड ऑफ पीस को ट्रंप के निजी समूह की तरह बताया और कहा कि यह 'ट्रंप का ऐसे शाही अधिकार देता है कि वह अपने निजी और अमेरिका के एजेंडे को बिना किसी रोक-टोक के लागू कर सकें।'- बाकी सभी सदस्यों को चेयरमैन (ट्रंप) नॉमिनेट कर सकता है या उन्हें हटा सकता है।
- चेयरमैन तय कर सकता है कि बोर्ड कब मिलेगा या किन मुद्दों पर बात करेगा।
- इस नए फोरम में सिर्फ ट्रंप के पास ही पूरी तरह से वीटो पावर होगी।
खोखर ने स्थायी सीट के लिए सदस्यों पर 1 अरब डॉलर का शुल्क लगाए जाने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि एक अरब डॉलर का टिकट इसे अमीरों का क्लब बनाता है और ऐसे क्लब अक्सर क्या करते हैं, यह कोई भी अंदाजा लगा सकता है।











