लेकिन इस दौरान शहबाज शरीफ ने भारत से बातचीत करवाने के लिए अमेरिका से फिर से गुहार लगाई है। शहबाज ने जम्मू और कश्मीर, सिंधु जल संधि, व्यापार और आतंकवाद-रोधी सहित सभी लंबित विवादों पर भारत के साथ सार्थक बातचीत करने की बात अमेरिका से कही है। इसके अलावा पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने डोनाल्ड ट्रंप को एक बार फिर से पाकिस्तान में मौजूद कुछ दुर्लभ खनिज संपदाओं का ऑफर देने की कोशिश की है।
भारत से बात करने फिर गिड़गिड़ाए शहबाज शरीफ
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिकी विदेश मंत्री से बात करते हुए कहा है कि पाकिस्तान, भारत के साथ सभी लंबित मुद्दों, खासतौर से जम्मू-कश्मीर, सिंधु जल संधि, व्यापार और आतंकवाद पर गंभीर और रचनात्मक बातचीत को तैयार है। हालांकि भारत ने साफ कर रखा है कि पाकिस्तान से तब तक बातचीत नहीं होगी, जब तक वो आतंकवाद को खत्म नहीं करता है। इसके अलावा भारत ने साफ कर रखा है कि दिल्ली अब सिर्फ पीओके पर बात करेगी। दिल्ली ने कई बार पाकिस्तान से पीओके खाली करने को कहा है। वहीं शहबाज शरीफ ने ट्रंप और रुबियो की उस पहल की भी सराहना की, जिसके चलते भारत-पाकिस्तान के बीच एक नए सीजफायर समझौते की नींव पड़ी। हालांकि भारत ने बार बार साफ किया है कि अमेरिका, भारत-पाकिस्तान में हुई मध्यस्थता के लिए जिम्मेदार नहीं है। भारत ने अमेरिका को क्रेडिट देने से इनकार कर दिया है।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिकी विदेश मंत्री से बात करते हुए कहा है कि पाकिस्तान, भारत के साथ सभी लंबित मुद्दों, खासतौर से जम्मू-कश्मीर, सिंधु जल संधि, व्यापार और आतंकवाद पर गंभीर और रचनात्मक बातचीत को तैयार है। हालांकि भारत ने साफ कर रखा है कि पाकिस्तान से तब तक बातचीत नहीं होगी, जब तक वो आतंकवाद को खत्म नहीं करता है। इसके अलावा भारत ने साफ कर रखा है कि दिल्ली अब सिर्फ पीओके पर बात करेगी। दिल्ली ने कई बार पाकिस्तान से पीओके खाली करने को कहा है। वहीं शहबाज शरीफ ने ट्रंप और रुबियो की उस पहल की भी सराहना की, जिसके चलते भारत-पाकिस्तान के बीच एक नए सीजफायर समझौते की नींव पड़ी। हालांकि भारत ने बार बार साफ किया है कि अमेरिका, भारत-पाकिस्तान में हुई मध्यस्थता के लिए जिम्मेदार नहीं है। भारत ने अमेरिका को क्रेडिट देने से इनकार कर दिया है।











