दिल्‍ली की हवा में जहर घोल रहा पाकिस्‍तान! लाहौर की फैक्ट्रियां निकाल रही स्‍मॉग, भारत में इमरजेंसी जैसे हालात

दिल्‍ली की हवा में जहर घोल रहा पाकिस्‍तान! लाहौर की फैक्ट्रियां निकाल रही स्‍मॉग, भारत में इमरजेंसी जैसे हालात
लाहौर: दिल्‍ली में स्‍मॉग की वजह पाकिस्‍तान? आपको यह बात थोड़ी बेवजह लग सकती है लेकिन इस बात को खुद पाकिस्‍तानी मीडिया साबित कर रही है। एक तरफ द‍िल्‍ली और एनसीआर स्‍मॉग की गहरी चादर में ढंके हैं तो वही पड़ोसी मुल्‍क पाकिस्‍तान का लाहौर भी इससे जूझ रहा है। भारत के पंजाब से सटे लाहौर में भी स्‍मॉग ने आम लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। लाहौर जिसे कभी 'सिटी ऑफ गार्डन' कहा जाता था, आज दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बन चुका है। आज भी यहां की फैक्ट्रियों में ईधन के तौर पर प्‍लास्टिक को जलाया जा रहा है। यही प्‍लास्टिक भारत में लोगों का दम घोंटने का काम कर रही है।

लोग जला रहे टायर और प्‍लास्टिक
दिल्‍ली और लाहौर के बीच की दूरी बस 409 किलोमीटर है। अब आप इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं किस तरह से पड़ोसी मुल्‍क की एक हरकत दिल्‍ली का दम घोंट रही है। पाकिस्‍तान के जियो न्‍यूज ने विशेषज्ञों के हवाले से लिखा है कि छोटी फैक्ट्रियों में ईंधन के रूप में टायर और प्लास्टिक का प्रयोग किया जा रहा है। इसके अलावा यहां भी किसान जमकर पराली जला रहे हैं। साथ ही जिगजैग टेक्‍नोलॉजी के बिना काम करने वाले ईंट-भट्ठों ने शहर में स्‍मॉग में इजाफा कर दिया है। लाहौर जो पाकिस्‍तान के पंजाब प्रांत की राजधानी है वहां पर दो नवंबर को दिन में गहरी धुंध थी। इस धुंध ने यहां की ऊंची इमारतों और एतिहासिक इमारतों को भी ढंक लिया था।

डीजल और कोयले वाला धुंआ
लाहौर में छाई धुंध में डीजल और कोयले की गंध थी। ग्लोबल एलायंस ऑन हेल्थ एंड पॉल्यूशन ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा है कि वायु प्रदूषण और धुंध, दुनिया भर में एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है, जिसके कारण पाकिस्तान में सालाना अनुमानित 128,000 लोगों की मौत हो रही है। लाहौर का एयर क्‍वालिटी इंडेक्‍स यानी एक्‍यूआई पिछले दो दशकों में बुरी तरह खराब हो गया है। इस अवधि के दौरान निवासियों, आवास योजनाओं, विकासात्मक परियोजनाओं और औद्योगिक इकाइयों के लिए रास्ता बनाने के लिए अनुमानित 70 फीसदी तक पेड़ों की कटाई की गई।

लाहौर में स्‍मॉग इमरजेंसी

यहां की पंजाब सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए एक महीने के लिए स्मॉग इमरजेंसी का ऐलान किया है। इससे सभी स्कूली छात्रों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य हो गया है। लाहौर हाई कोर्ट ने एक्‍यूआई को कंट्रोल करने के लिए तत्काल उपायों के लिए निर्देश जारी करने के बाद यह कार्रवाई की गई। यहां के पर्यावरण संरक्षण विभाग (ईपीडी) ने अपने बयान में कहा है कि आपातकालीन उपायों के तहत, धूल से बचने के लिए बजरी, मलबे और निर्माण सामग्री पर पानी छिड़कने में असफल रहने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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