50 रोगियों पर हुआ इसका प्रयोग
50 रोगियों पर इसका प्रयोग हुआ। उनमें दर्द, सूजन में कमी और जीवन स्तर में सुधार दिखा है। उसके बाद इसे कारुण्य कार्यक्रम में शामिल किया गया है, जो कैंसर, अल्जाइमर और पार्किंसन जैसे रोगों में सहायक उपचार के लिए वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों के इस्तेमाल के लिए है। अधिकारियों का कहना है कि इसी महीने से भोपाल के पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद महाविद्यालय अस्पताल में इसकी सुविधा मिलने लगेगी। उसके बाद प्रदेश के सभी सात शासकीय आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज-अस्पतालों में इसकी सुविधा मिलेगी।
ऐसे काम करती है ओजोन थेरेपी
विशेषज्ञों के मुताबिक ओजोन ऑक्सीजन का सक्रिय रूप है। इसे शरीर में अलग-अलग तरीकों से पहुंचाया जाता है। इसे अंतःशिरा (आईवी), इंजेक्शन, ऑटोहेमोथेरेपी, ओजोन साना और ओजोनेटेड तेल या पानी का उपयोग कर शरीर में पहुंचाया जाता है। इसका असर प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने, संक्रामक तत्वों को रोकने, दर्द और सूजन कम करने तथा कोशिकाओं के पुनर्जन्म को बढ़ावा देने में दिखता है।
दूसरी बीमारियों में भी उपयोगी
कैंसर के अलावा ओजोन थेरेपी का प्रयोग गठिया, घुटनों और कमर दर्द, त्वचा रोग, मधुमेह, हृदय रोग और घाव भरने की प्रक्रिया में भी कारगर पाया गया है।











