सूत्रों ने बताया कि अपनी पहली IPO कोशिश के बाद से, OYO में काफी बदलाव आया है। कंपनी मुनाफे और टिकाऊ विकास पर ध्यान दे रही है। कंपनी के बेहतर वित्तीय प्रदर्शन और काम करने के तरीके से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इसलिए कंपनी फिर से शेयर बाजार में आने की कोशिश कर रही है। इस बारे में OYO ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। ओयो अगले महीने कंपनी के बोर्ड और सबसे बड़े शेयरधारक सॉफ्टबैंक के प्रतिनिधियों के साथ IPO प्रक्रिया पर अहम चर्चा करेगा। जापान की सॉफ्टबैंक कंपनी में 40% से ज्यादा हिस्सेदारी रखती है।
कितना होगा वैल्यूएशन
ओयो की पैरेंट कंपनी ओरावेल स्टेज जल्द ही मर्चेंट बैंकरों से बातचीत शुरू करेगी। सूत्रों के अनुसार ओयो के अधिकारी पिछले एक महीने से बैंकरों के साथ अनौपचारिक बातचीत कर रहे हैं। अब कंपनी औपचारिक रूप से प्रस्ताव सुनने के लिए तैयार है। एक सूत्र ने बताया कि कुछ बैंकों ने ओयो का वैल्यूएशन 10 बिलियन डॉलर तक आंका है। हालांकि ओयो का मानना है कि कंपनी का वैल्यूएशन 6-7 बिलियन डॉलर के बीच होना चाहिए।कंपनी भारतीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के इन्वेस्टमेंट बैंकों से बात कर रही है। उम्मीद है कि कंपनी अगस्त और सितंबर के बीच ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल कर देगी। कंपनी मार्च-अप्रैल 2026 तक शेयर बाजार में लिस्ट होने का लक्ष्य लेकर चल रही है। कंपनी ने पहली बार 2021 में सेबी के पास DRHP फाइल किया था। ओयो 8,430 करोड़ रुपये का IPO लाना चाहती थी लेकिन 2022 में उसने अपना प्रस्ताव वापस ले लिया। इसके बाद 2023 में कंपनी ने गोपनीय तरीके से सेबी के पास आवेदन किया, लेकिन 2024 में इसे भी वापस ले लिया गया।











