रीवा के सरई कला-रोझौही में टाटा न्यूक्लियर प्लांट का विरोध:ग्रामीणों के साथ बैठक रही बेनतीजा , सरपंच के नाम जारी फर्जी NOC की जांच पर अड़े लोग

रीवा के सरई कला-रोझौही में टाटा न्यूक्लियर प्लांट का विरोध:ग्रामीणों के साथ बैठक रही बेनतीजा , सरपंच के नाम जारी फर्जी NOC की जांच पर अड़े लोग

रीवा जिले की सिरमौर तहसील के सरई कला और रोझौही क्षेत्र में प्रस्तावित टाटा न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर आज कंपनी, प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुई बैठक बेनतीजा रही। बोरहोल का काम कराने पहुंची टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने काम रुकवाकर सरपंच के नाम पर जारी कथित फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की जांच कराने की मांग की।

परियोजना स्थल पर प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस, कंपनी प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के बीच विरोध की स्थिति बनी। सरई कला, रोझौही और आसपास के गांवों के लोग मौके पर पहुंचे। उनका कहना था कि जब वे परमाणु बिजलीघर के पक्ष में नहीं हैं, तो उनकी आपत्तियों का निराकरण किए बिना आगे की प्रक्रिया क्यों की जा रही है।

अधिकारियों ने समझाया, ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े

मौके पर सिरमौर तहसीलदार बिंदु तिवारी, गढ़ थाना प्रभारी अवनीश पांडेय, लालगांव चौकी प्रभारी शैल यादव, एमपीआईडीसी के अधिकारी यूके तिवारी, एनपीसीआईएल के वैज्ञानिक श्री जैन और टाटा कंपनी के प्रतिनिधि परशुराम मिश्रा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

अधिकारियों और कंपनी प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें क्षेत्र में विकास और रोजगार के अवसर चाहिए, लेकिन परमाणु बिजलीघर से जुड़े संभावित पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों पर भी उनकी चिंताओं का समाधान होना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र में दूसरे उद्योग स्थापित करने का विकल्प देने की मांग की।

कथित फर्जी एनओसी की जांच कराने की मांग

सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी ने सरपंच के नाम पर जारी कथित फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) का मामला उठाया। उन्होंने पत्र क्रमांक 170/2026 की जांच कराने की मांग की। द्विवेदी के मुताबिक, ग्राम सभा में 3 सितंबर और 5 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट के विरोध में प्रस्ताव पारित किए गए थे।

उन्होंने कहा कि जब ग्राम सभा और स्थानीय ग्रामीण परियोजना का विरोध कर रहे हैं, तो उनकी सहमति और आपत्तियों को स्पष्ट किए बिना आगे की प्रक्रिया कैसे की जा सकती है। ग्रामीणों ने भी ग्राम सभा के प्रस्तावों और एनओसी से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

विरोध प्रदर्शन में सरई कला की सरपंच कोमल सिंह, लालगांव उपसरपंच प्रतिनिधि लवकुश तिवारी, सरपंच पति संजय सिंह,सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

ग्रामीणों के विरोध के चलते बोरहोल का काम आगे नहीं बढ़ सका। उन्होंने कहा कि परियोजना को लेकर उनकी आपत्तियों का निराकरण और मांगों पर निर्णय होने तक विरोध जारी रहेगा। फिलहाल बैठक में कोई सहमति नहीं बन सकी है। अब परियोजना की आगे की प्रक्रिया और ग्रामीणों की आपत्तियों पर प्रशासन के रुख पर नजर रहेगी।

Advertisement