बीते साल दिसंबर के महीने में प्याज़ का थोक भाव 2311 रुपए था। प्याज के थोक व्यापारी सागर जैन बताते हैं कि घरेलू बाजार में डिमांड बढ़ने से यह बढ़ोतरी देखी जा है। डिमांड के मुकाबले सप्लाई काफी कम है। इसके अलावा एक्सपोर्ट की मांग भी बढ़ी है। वहीं आँध्र प्रदेश और कर्नाटक में बारिश की वजह से प्याज की फसल लगाने में एक महीने की देरी हुई है। महाराष्ट्र के अहमदनगर में प्याज की आवक भी कम हुई है। जिसके चलते प्याज की कीमत बढ़ी है।
दाम बढ़ने की एक वजह ये भी है
प्याज के दाम इसलिए बढ़ें हैं क्योंकि लासलगांव में प्याज की आवक में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पहले यहां एक दिन में 20 हजार से 25 हजार क्विंटल प्याज आती थी लेकिन अब घटकर 15 क्विंटल तक पहुंच गई है। दरअसल किसान फिलहाल खरीफ की फसल लगाने में व्यस्त हैं। इसलिए वे बाजार में प्याज लेकर नहीं आ पा रहे हैं। इसके अलावा कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में प्याज की फसल में हुई देरी के चलते दक्षिण में भारत में भी प्याज की डिमांड बढ़ गई है, इसलिए दाम बढे हैं।
कीमतों पर अंकुश के लिए 'बफर स्टॉक' से प्याज जारी करेगी सरकार
सरकार ने अपने 'बफर स्टॉक' से टारगेट वाले क्षेत्रों को प्याज जारी करने की घोषणा की है। यह कदम अक्टूबर से नई फसल आने से पहले कीमतों को कंट्रोल में रखने के मकसद से उठाया गया है। सरकार बफर स्टॉक से प्याज जारी करने के लिए कई विकल्प तलाश रही है। इनमें ई-नीलामी, ई-कॉमर्स के साथ-साथ राज्यों के माध्यम से उनकी कंस्यूमर को-ऑपरेटिव और कॉर्पोरेशन और रिटेल दुकानों से रियायती दरों पर बिक्री शामिल है। सरकार ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए Price Stabilisation Fund (PSF) के तहत तीन लाख टन प्याज रखा है।
प्याज के दाम इसलिए बढ़ें हैं क्योंकि लासलगांव में प्याज की आवक में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पहले यहां एक दिन में 20 हजार से 25 हजार क्विंटल प्याज आती थी लेकिन अब घटकर 15 क्विंटल तक पहुंच गई है। दरअसल किसान फिलहाल खरीफ की फसल लगाने में व्यस्त हैं। इसलिए वे बाजार में प्याज लेकर नहीं आ पा रहे हैं। इसके अलावा कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में प्याज की फसल में हुई देरी के चलते दक्षिण में भारत में भी प्याज की डिमांड बढ़ गई है, इसलिए दाम बढे हैं।
कीमतों पर अंकुश के लिए 'बफर स्टॉक' से प्याज जारी करेगी सरकार
सरकार ने अपने 'बफर स्टॉक' से टारगेट वाले क्षेत्रों को प्याज जारी करने की घोषणा की है। यह कदम अक्टूबर से नई फसल आने से पहले कीमतों को कंट्रोल में रखने के मकसद से उठाया गया है। सरकार बफर स्टॉक से प्याज जारी करने के लिए कई विकल्प तलाश रही है। इनमें ई-नीलामी, ई-कॉमर्स के साथ-साथ राज्यों के माध्यम से उनकी कंस्यूमर को-ऑपरेटिव और कॉर्पोरेशन और रिटेल दुकानों से रियायती दरों पर बिक्री शामिल है। सरकार ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए Price Stabilisation Fund (PSF) के तहत तीन लाख टन प्याज रखा है।











