भोपाल। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में कोरोना काल में लगभग एक हजार बायोमीट्रिक उपस्थिति मशीनें खराब हो गईं हैं। जिनकी कीमत लगभग 25 लाख रुपये बताई जा रही है। ऐसे में अब 10 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन पाने के लिए आउटसोर्स कर्मियों पर 12 से 15 हजार वाला स्मार्ट फोन खरीदने एवं स्वयं के खर्च से रीचार्ज कराने का दबाव बनाया जा रहा है। कंपनी ने मुख्यालय एवं ग्वालियर और भोपाल रीजन के 18 वृत्त (सर्किलों) के अधीन आने वाले 500 विभिन्न कार्यालयों, सब स्टेशनों, वितरण केंद्रों, जोन व डिवीजन कार्यालयों में कार्यरत करीब 15 हजार विभिन्न आउटसोर्स, संविदा, नियमित श्रेणी के कर्मचारियों की नियमित बायोमीट्रिक प्रयास उपस्थिति के लिए करीब एक हजार थम्ब व आईज डिवाइस मशीनें वर्ष 2015-16 में खरीदी गई थी। इसकी कीमत करीब 25 लाख रूपये थी, उन्हें कोरोना की आड़ में अब कवाड़ बना दिया गया है।
यह मशीनें 10 वर्ष की गारंटी अवधि के पहले ही चालू अवस्था में रहने पर भी अब अनुपयोगी हो गई हैं। इस कारण अनेकों नियमित, संविदा व छोटे पदों के आउटसोर्स कर्मी जैसे भृत्य, फर्राश, माली, सुरक्षा सैनिक कर्मी परेशान हैं। वह बिजली कंपनी द्वारा जारी नई व्यवस्था के तहत मंहगा स्मार्ट मोबाइल खरीदने की स्थिति में नहीं है।











