कल्कि मंदिर निर्माण में अड़चन दूर, इलाहाबाद HC के फैसले के बाद प्रमोद कृष्‍णम बनवा सकेंगे भव्‍य धाम

कल्कि मंदिर निर्माण में अड़चन दूर, इलाहाबाद HC के फैसले के बाद प्रमोद कृष्‍णम बनवा सकेंगे भव्‍य धाम
संभल/प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्‍तर प्रदेश के संभल जिले में कल्कि धाम मंदिर निर्माण के संबंध में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत के फैसले के बाद मंदिर निर्माण से जुड़ीं रुकावटें दूर हो गई हैं। हाई कोर्ट ने मंदिर निर्माण पर संभल डीएम की तरफ से लगाई गई रोक को असंवैधानिक करार दिया है। दरअसल कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्‍णम निजी जमीन पर इस मंदिर का निर्माण करवा रहे थे। डीएम ने कानून व्‍यवस्‍था बिगड़ने का हवाला देकर मंदिर निर्माण पर रोक लगा दी थी क्‍योंकि यह इलाका मुस्लिम बहल है। अब हाई कोर्ट ने प्रमोद कृष्‍णम से जिला पंचायत में मंदिर का नक्‍शा जमा करवाने का आदेश दिया है। साथ ही मंदिर निर्माण के लिए जिला पंचायत से अनुमति लेने का निर्देश भी दिया है।

जानकारी के अनुसार, संभल के तत्‍कालीन डीएम के फैसले के खिलाफ आचार्य प्रमोद कृष्‍णम ने 30 अक्‍टूबर, 2017 में याचिका लगाई थी। न्‍यायमूर्ति सलिल कुमार राय और न्‍यायमूर्ति सुरेंद्र सिंह प्रथम की खंडपीठ ने डीएम के आदेश को अंसैवाधानिक बताया है। कोर्ट ने कहा कि निजी जमीन पर अगर कोई धार्मिक निर्माण करना चाहता है तो कर सकता है क्‍योंकि उसे संविधान में यह अधिकार मिला हुआ है। प्रमोद कृष्‍णम की याचिका के अनुसार, डीएम ने मंदिर बनाने की अनुमति यह कहकर नहीं दी कि यह इलाका अल्‍पसंख्‍यक बहुल है। यहां के मुस्लिम मंदिर निर्माण का विरोध कर रहे थे। अगर मंदिर बना तो कानून व्‍यवस्‍था को लेकर दिक्‍कतें खड़ी हो जाएंगी। मंदिर के पास ही सरकारी जमीन है जिस पर याची की तरफ से अतिक्रमण किया जा सकता है।

प्राचीन कल्कि मंदिर की तर्ज पर बनवाना चाहते हैं प्रमोद कृष्‍णम


अपने फैसले में हाई कोर्ट ने कहा है कि धर्मस्‍थल निर्माण का अधिकार संविधान के अनुच्‍छेद 25 और 26 के तहत संरक्षित है। कोर्ट ने यह भी कहा कि जिला प्रशासन ने ऐसा कोई सबूत नहीं पेश किया जिससे यह साबित हो सके कि इलाके के मुस्लिम मंदिर निर्माण का विरोध कर रहे हैं। साथ ही कानून व्‍यवस्‍था के बिगड़ने से जुड़ी आशंका भी व्‍यर्थ है। आपको बता दें कि संभल में करीब एक हजार साल पहले मनु महाराज ने प्राचीन कल्कि मंदिर का निर्माण करवाया था। दक्षिण भारतीय शैली में बने इस मंदिर का करीब 300 साल पहले महारानी अहिल्‍या बाई होलकर ने जीर्णोद्धार भी कराया था। कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्‍णम भी कल्कि मंदिर के नाम पर अपने गांव में धार्मिक स्‍थल बनवाने जा रहे हैं।

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