अमेरिका के प्रतिबंधों के बाद एनवीडिया चीन को हाई-एंड आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस चिप A800 और H800 की बिक्री नहीं कर पाएगी। कंपनी ने ये चिप खासतौर पर इन्हें चीन के लिए बनाए हैं। ताइवान में जन्मे एनवीडिया के सीईओ जेनसन हुआंग और फॉक्सकॉन के चेयरमैन यंग लियू बुधवार को ताइपे में सालाना टेक इवेंट में एक साथ दिखे। हुआंग ने कहा कि एक नई तरह की मैन्यूफैक्चरिंग उभरकर आई है। यह इंटेलीजेंस और डेटा सेंटर के प्रॉडक्शन का मामला है जो एआई फैक्ट्रीज बनाती हैं। उन्होंने कहा कि फॉक्सकॉन के पास दुनियाभर में इस तरह की फैक्ट्रीज बनाने की क्षमता और अनुभव है।
क्या है कंपनी की योजना
लियू ने कहा कि फॉक्सकॉन खुद के एक मैन्यूफैक्चरिंग सर्विस कंपनी से प्लेटफॉर्म सॉल्यूशन कंपनी में बदलने की कोशिश कर रही है। अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनी ऐपल के आधे से अधिक प्रॉडक्ट फॉक्सकॉन ही बनाती है। कंपनी अब अपने बिजनस का विस्तार कर रही है और पर्सनल कंप्यूटर तथा स्मार्टफोन की असेंबलिंग को दूसरे क्षेत्रों में दोहराना चाहती है। जून में लियू ने एक इंटरव्यू में कहा था कि आने वाले दशकों में इलेक्ट्रिक वीकल ग्रोथ का इंजन बनेंगे।एनवीडिया के एडवांस चिप्स की डिमांड पूरी दुनिया में बढ़ी है। इस कारण कंपनी के शेयरों में इस साल तीन गुना तेजी आई है और उसका मार्केट कैप एक ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गई है। यह दुनिया की छठी और अमेरिका की पांचवीं सबसे मूल्यवान कंपनी है। जनवरी में फॉक्सकॉन और एनवीडिया ने ऑटोनोमस वीकल प्लेटफॉर्म्स डेवलप करने के लिए पार्टनरशिप की थी। इसमें फॉक्सकॉन एनवीडिया के चिप्स का इस्तेमाल करने वाली कारों के लिए इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट बनाएगी।











