केडिया कैपिटल के प्रमुख अजय केडिया ने बताया कि दुबई की तरह ही भारत में भी बुलियन की ट्रेड अपॉर्च्यूनिटी को बढ़ाने और हब बनाने के लिए सरकार ने सरकार ने DGFT के जरिए सिल्वर इंपोर्ट के रेग्यूलेशंस को सरल किया है। इसी के तहत ही IFSCA के डेजिग्नेटेड क्वॉलिफाईड जूलर्स IIBX के द्वारा सिल्वर इंपोर्ट की सुविधा पा सकते हैं। इसके जरिए सरकार एकाधिकार खत्म करना चाहती है।'
सिल्वर एंपोरियम के प्रमुख राहुल मेहता का मानना है कि जब जरूरत होगी, तब सीधा एक्सचेंज के जरिए अब इंटरनैशनल बायर से सिल्वर खरीदी जा सकेगी। पहले जूलर्स को माल मल्टीपल चैनल से मिलता था और इस क्रम में सोर्स का भी पता नहीं चलता था। इस कदम से फेस्टिव सीजन में फायदा होगा।'
IBJA के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता ने बताया, 'इससे पहले सिर्फ डीजीएफसी के नॉमिनेटेड एजेंसी और बैंकों को ही सिल्वर इंपोर्ट की अनुमति थी, लेकिन अब IIBX के जो क्वॉलिफाईड मैंबर्स जूलर्स है, वे भी सिल्वर का इंपोर्ट कर सकेंगे। अब इसमें कांट्रेक्ट शुरू हो जाएंगे। इससे ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी, क्योंकि टू वे कोट मिलेंगे। प्राइस डिस्कवरी से उपभोक्ताओं को फायदा होगा। हमारी मांग है कि लंदन के 30 किलो बार व दुबई के 20 किलो बार के इंपोर्ट की अनुमति दी जाए।'
IBJA के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता ने बताया, 'इससे पहले सिर्फ डीजीएफसी के नॉमिनेटेड एजेंसी और बैंकों को ही सिल्वर इंपोर्ट की अनुमति थी, लेकिन अब IIBX के जो क्वॉलिफाईड मैंबर्स जूलर्स है, वे भी सिल्वर का इंपोर्ट कर सकेंगे। अब इसमें कांट्रेक्ट शुरू हो जाएंगे। इससे ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी, क्योंकि टू वे कोट मिलेंगे। प्राइस डिस्कवरी से उपभोक्ताओं को फायदा होगा। हमारी मांग है कि लंदन के 30 किलो बार व दुबई के 20 किलो बार के इंपोर्ट की अनुमति दी जाए।'











