गौतम अडानी
हिंडनबर्ग रिसर्च ने 24 जनवरी को अडानी ग्रुप के बारे में एक रिपोर्ट जारी की थी। इसमें अडानी ग्रुप पर शेयरों की कीमत के साथ छेड़छाड़ के साथ-साथ कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। ग्रुप ने इन आरोपों का खंडन किया है लेकिन इस रिपोर्ट ने उसे बुरी तरह झकझोर कर रख दिया है। ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी को कई कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचनी पड़ी है। हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट आने से पहले अडानी ग्रुप का मार्केट कैप 19.2 लाख करोड़ रुपये था जो अब 10 लाख करोड़ रुपये के आसपास रह गई है। इस तरह ग्रुप के मार्केट कैप में करीब 45 परसेंट की गिरावट आई है।
कार्ल इकान
अडानी और डोर्सी के बाद हिंडनबर्ग का अगला शिकार बने अमेरिका के अरबपति एक्टिविस्ट इनवेस्टर कार्ल इकान (Carl Icahn)। हिंडनबर्ग ने दो मई को उनकी कंपनी इकान इंटरप्राइजेज (Icahn Enterprises) के बारे में एक रिपोर्ट जारी की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि कंपनी ने अपनी होल्डिंग और ज्यादा डिविडेंड देने के लिए अपनी वैल्यूएशन बढ़ाचढ़ाकर बताई। रिपोर्ट के आने के बाद कंपनी का मार्केट कैप 8.9 अरब डॉलर यानी 54 परसेंट स्वाहा हो चुका है।
टिंगो
हिंडनबर्ग का अगला शिकार नाइजीरिया की एग्री फिनटेक ग्रुप टिंगो (Tingo) बना। छह जून को जारी रिपोर्ट में ग्रुप पर आरोप लगाया गया कि अफ्रीकी देश की इस कंपनी के कैश फ्लो और बैलेंस शीट में कोई तालमेल नहीं है। इससे साफ है कि कंपनी ने अपने फाइनेंशियल्स में हेराफेरी की है। रिपोर्ट आने के बाद से ग्रुप का मार्केट कैप 22.8 करोड़ डॉलर यानी 55 परसेंट गिर चुका है।
फ्रीडम होल्डिंग
इस साल हिंडनबर्ग की शिकार होने वाली कंपनियों में ताजा नाम कजाकस्तान की कंपनी फ्रीडम होल्डिंग (Freedom Holding) का है। अमेरिकी शॉर्ट सेलिंग फर्म ने 15 अगस्त को इस कंपनी के बारे में रिपोर्ट जारी की थी। कंपनी पर आरोप है कि वह रूस में बिजनस करती है जो उस पर लगे प्रतिबंधों का उल्लंघन है। कंपनी का रेवेन्यू फर्जी है और उसने लोगों के पैसों को जोखिम वाले मार्केट में लगा रखा है। दो दिन में ही कंपनी का मार्केट कैप 34.2 करोड़ डॉलर यानी आठ परसेंट गिर चुका है।











