टोलोन्यूज ने सूत्रों के आधार पर की गई अपनी रिपोर्ट में कहा है कि तुर्की वार्ता में पाकिस्तान ने पहली बार ये स्वीकार किया है कि उसका अमेरिका के साथ ड्रोन हमलों की अनुमति देने वाला समझौता है। पाकिस्तान ने अपनी मजबूरी बताते हुए कहा कि वह इस समझौते को नहीं तोड़ सकता है। इस रवैये ने अफगानिस्तानी पक्ष को काफी निराश किया।
ISIS पर कार्रवाई नहीं, अमेरिकी ड्रोन हमले भी नहीं रोक सकते... तालिबान ने बताया तुर्की में कैसे गिरगिट बना पाकिस्तान, बातचीत फेल!
इस्लामाबाद: अफगानिस्तान ने सीजफायर समझौते पर दूसरे दौर की वार्ता में आए गतिरोध के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है। अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान ने कहा कि तुर्की में पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का बर्ताव बेहद खराब रहा है। वह कई नाजायज मांगों पर इस दौरान अड़े हुए हैं, जिससे बातचीत का वातावरण खराब हो रहा है। अफगान तालिबान का कहना है कि अमेरिकी दबाव और एक अज्ञात फोन कॉल ने भी बातचीत को पटरी से उतारने में अहम रोल निभाया है।
टोलोन्यूज ने सूत्रों के आधार पर की गई अपनी रिपोर्ट में कहा है कि तुर्की वार्ता में पाकिस्तान ने पहली बार ये स्वीकार किया है कि उसका अमेरिका के साथ ड्रोन हमलों की अनुमति देने वाला समझौता है। पाकिस्तान ने अपनी मजबूरी बताते हुए कहा कि वह इस समझौते को नहीं तोड़ सकता है। इस रवैये ने अफगानिस्तानी पक्ष को काफी निराश किया।
टोलोन्यूज ने सूत्रों के आधार पर की गई अपनी रिपोर्ट में कहा है कि तुर्की वार्ता में पाकिस्तान ने पहली बार ये स्वीकार किया है कि उसका अमेरिका के साथ ड्रोन हमलों की अनुमति देने वाला समझौता है। पाकिस्तान ने अपनी मजबूरी बताते हुए कहा कि वह इस समझौते को नहीं तोड़ सकता है। इस रवैये ने अफगानिस्तानी पक्ष को काफी निराश किया।











