फूड और ई-कॉमर्स से जुड़े गिग वर्कर्स सामान घर तक लाने की अहम कड़ी हैं, ऐसे में अगर हड़ताल हुई तो बड़ी दिक्कत होने वाली है। घर सामान मंगाना तो मुश्किल होगा ही, साथ ही इस हड़ताल के चलते कंपनियों को भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। गुड़गांव और गौतमबुद्ध नगर में इस हड़ताल का सबसे ज्यादा असर बड़ी सोसायटियों में रहने वाले उन परिवारों पर पड़ेगा, जो रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर खाने पीने तक के लिए ऑनलाइन सेवाओं पर निर्भर हैं। हड़ताल ने हजारों सोसायटियों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है कि जश्न की रात कहीं ऑनलाइन ऑर्डर न मिलने से मजा फीका न हो जाए।
नए साल का जश्न हो सकता है फीका, हड़ताल पर जाने की तैयारी में गिग वर्कर्स
नई दिल्ली: नए साल के जश्न से ठीक पहले बुधवार यानी आज दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में गिग वर्कर्स हड़ताल पर जाने वाले हैं। इससे फूड और ई-कॉमर्स से जुड़ी होम डिलिवरी पर असर हो सकता है। दिल्ली में वर्कर्स हड़ताल करेंगे या नहीं, इसपर संशय बरकरार है। इससे पहले 25 दिसंबर को भी गुड़गांव में गिग वर्कर्स ने काम बंद कर दिया था। वर्कर्स का कहना है कि उन्हें काम के हिसाब से पैसा नहीं मिलता है, जबकि कंपनियां मोटी कमाई करती हैं।
फूड और ई-कॉमर्स से जुड़े गिग वर्कर्स सामान घर तक लाने की अहम कड़ी हैं, ऐसे में अगर हड़ताल हुई तो बड़ी दिक्कत होने वाली है। घर सामान मंगाना तो मुश्किल होगा ही, साथ ही इस हड़ताल के चलते कंपनियों को भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। गुड़गांव और गौतमबुद्ध नगर में इस हड़ताल का सबसे ज्यादा असर बड़ी सोसायटियों में रहने वाले उन परिवारों पर पड़ेगा, जो रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर खाने पीने तक के लिए ऑनलाइन सेवाओं पर निर्भर हैं। हड़ताल ने हजारों सोसायटियों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है कि जश्न की रात कहीं ऑनलाइन ऑर्डर न मिलने से मजा फीका न हो जाए।
फूड और ई-कॉमर्स से जुड़े गिग वर्कर्स सामान घर तक लाने की अहम कड़ी हैं, ऐसे में अगर हड़ताल हुई तो बड़ी दिक्कत होने वाली है। घर सामान मंगाना तो मुश्किल होगा ही, साथ ही इस हड़ताल के चलते कंपनियों को भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। गुड़गांव और गौतमबुद्ध नगर में इस हड़ताल का सबसे ज्यादा असर बड़ी सोसायटियों में रहने वाले उन परिवारों पर पड़ेगा, जो रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर खाने पीने तक के लिए ऑनलाइन सेवाओं पर निर्भर हैं। हड़ताल ने हजारों सोसायटियों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है कि जश्न की रात कहीं ऑनलाइन ऑर्डर न मिलने से मजा फीका न हो जाए।











