इस सर्वे में पता चला कि 15 लाख लोग ऐसे हैं जो वर्तमान पते व जिले में निवास नहीं कर रहे हैं और किसी अन्य जगह पर पहुंच गए हैं लेकिन उनके नाम जुड़े हुए हैं। तो वहीं कुछ ऐसे लोग थे जिनकी मृत्यु हो चुकी है लेकिन उनके नाम नहीं हटाए गए थे। सर्वे के बाद जनवरी से अब तक ऐसे 15 लाख लोगों के नाम विभाग ने हटा दिए हैं।
जिससे नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले लोगों के लिए जगह बन गई है। इसके बाद नए राशनकार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसके तहत ई-केवाईसी करने के बाद लोगों को पात्रता पर्ची देने का काम तेजी से किया जा रहा है।
आवेदनों की हो रही पड़ताल
नए राशनकार्ड के लिए मिले आवेदनों की इस बार बारीकी से पड़ताल हो रही है। कहा गया है कि जो लोग ई-केवाईसी करवाएंगे उनके नाम से पात्रता पर्ची जारी कर दी जाएगी। ई-केवाईसी के दौरान पात्रता-अपात्रता का सत्यापन किया जा रहा है।
आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन
गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वालों की श्रेणी में सरकारी राशन लेने के लिए नाम जुड़वाने की प्रक्रिया सरकार ने पूरी तरह ऑनलाइन कर दी है। किसी सुविधा केंद्र में जाकर पात्रता की शर्तें पूरी करने वाला कोई भी व्यक्ति अपने दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकता है।











