बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को अपने एक बयान में कहा कि इजरायल क्षेत्र के महत्वपूर्ण देशों के साथ अपने संबंध बना रहा है ताकि मिलकर ईरानी खतरे का सामना किया जा सके। नेतन्याहू ने क्षेत्र में नए गठबंधन बनाने की बात स्वीकारी लेकिन किसी देश के नाम नहीं लिया। इजरायली पीएम ने जल्दी ही इस बारे में ज्यादा जानकारी देने की बात कही है।
इजरायल के साथ आएंगे खाड़ी देश!
बेंजामिन नेतन्याहू की टिप्पणी से संकेत मिलता है कि इजरायल और अरब जगत के कुछ देशों के बीच तालमेल गहरा रहा है। खाड़ी के कुछ देश भी इजरायल की तरह ही ईरान की सैन्य और परमाणु महत्वाकांक्षाओं को लेकर चिंतित रहे हैं। ऐसे में ये देश ईरान के खिलाफ इजरायल के साथ मिलकर काम कर सकते हैं।नेतन्याहू ने इसे एक व्यापक रणनीति का हिस्सा बताया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान पर हमले करते हुए उसके परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को कमजोर कर दिया है। ईरान की यह क्षमता हमारे अस्तित्व के लिए खतरा था। इसके बाद क्षेत्र में मजबूत गठबंधन बनाकर हम ईरान को और कमजोर करेंगे।
ईरान युद्ध में हमें बढ़त: नेतन्याहू
इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के साथ युद्ध में इजरायल-अमेरिका को भारी बढ़त मिलने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई अपने आधे रास्ते से ज्यादा रास्ता तय कर चुकी है। इजरायली सेना ईरानी फौज की क्षमताओं को नष्ट करने पर ध्यान लगा रही है। साथ ही शासन को भी कमजोर कर रही है।बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायल ने ईरान की मिसाइल क्षमताओं को तकरीबन खत्म कर दिया है। ईरान के प्रमुख परमाणु वैज्ञानिक मारे गए हैं, ऐसे में उसे दोबारा इस तरफ जाने में एक लंबा समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि ईरान की परमाणु हथियार हासिल करने की इच्छा को कभी पूरा नहीं होने दिया जाएगा।











