खुल रहे टेस्ला के भारत आने के दरवाजे
विदेशी कंपनियों को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। अगर नई पॉलिसी पर सहमति बन जाती है तो इससे न केवल विदेशों से इंपोर्ट की गई ईवी कारों की कीमत में भारी गिरावट आएगी, बल्कि विदेशी ऑटो मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां के लिए भी भारत आना आसान हो जाएगा। भारी इंम्पोर्ट ड्यूटी टैक्स के चलते इन कारों की कीमत काफी अधिक हो जाती है। जिसके चलते सेल प्रभावित होता है। अगर भारत में कार सेल के आंकड़ों पर नजर डालें तो दुनिया के तीसरे सबसे बड़े कार बाजार में ईवी कारों की सेल सिर्फ 2 प्रतिशत है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ग्रीन कारों के आयात पर इंपोर्ट ड्यूटी टैक्स को 100% से घटाकर 15% करने की तैयारी कर रही है। इससे इलेक्ट्रिक कारों की भारत में डिमांड के साथ-साथ उसकी कीमत में गिरावट आएगी। एलन मस्क की टेस्ला लंबे वक्त से भारत में प्रवेश के लिए कोशिश कर रही है। कंपनी की ओर से लगातार सौ फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी टैक्स घटाने की बात कही गई। अब सरकार की ओर से उस दिशा में माहौल बनने लगा है। हालांकि छूट के साथ कुछ शर्तें भी रखी जाएंगी।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ग्रीन कारों के आयात पर इंपोर्ट ड्यूटी टैक्स को 100% से घटाकर 15% करने की तैयारी कर रही है। इससे इलेक्ट्रिक कारों की भारत में डिमांड के साथ-साथ उसकी कीमत में गिरावट आएगी। एलन मस्क की टेस्ला लंबे वक्त से भारत में प्रवेश के लिए कोशिश कर रही है। कंपनी की ओर से लगातार सौ फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी टैक्स घटाने की बात कही गई। अब सरकार की ओर से उस दिशा में माहौल बनने लगा है। हालांकि छूट के साथ कुछ शर्तें भी रखी जाएंगी।











